Saturday, July 13, 2024
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षा'पंजाब में PM मोदी की सुरक्षा चूक योजनाबद्ध साजिश': 16 पूर्व डीजीपी सहित 27...

‘पंजाब में PM मोदी की सुरक्षा चूक योजनाबद्ध साजिश’: 16 पूर्व डीजीपी सहित 27 पूर्व IPS अधिकारियों ने राष्ट्रपति को पत्र लिख की त्वरित कार्रवाई की माँग

पत्र में कहा गया है कि जिस वक्त खुली सड़क पर प्रधानमंत्री का काफिला 20 मिनट तक बेबस और लाचार मुद्रा में खड़ा था, उस दौरान पंजाब पुलिस के जवान और अधिकारी प्रदर्शनकारियों के साथ चाय का लुत्फ ले रहे थे। वहाँ पंजाब पुलिस का कोई सीनियर अधिकारी भी मौजूद नहीं था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के पंजाब दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा में पंजाब सरकार द्वारा बरती गई लापरवाही के मामले में अब 16 पूर्व DGP समेत 27 पूर्व IPS अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया है। इन अधिकारियों ने पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार (Punjab Congress Government) की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए इस घटना को योजनाबद्ध तरीके से की गई साजिश करार दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पत्र में अधिकारियों ने लिखा है कि पंजाब में चुनाव होने हैं, ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले भय रहित वातावरण बेहद आवश्यक है। पूर्व अधिकारियों के मुताबिक, पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है, इसलिए फ्री एंड फेयर इलेक्शन के लिए एक्शन लेना आवश्यक है। अधिकारियों ने राष्ट्रपति के अलावा पत्र की एक कॉपी को सुप्रीम कोर्ट को भी भेजा है।

अधिकारियों ने पीएम मोदी की सुरक्षा में लापरवाही के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को दोषी माना है। इन्होंने पत्र में लिखा है कि मीडिया रिपोर्टों से स्पष्ट पता चलता है कि यह घटना राज्य सरकार की लापरवाही समेत राज्य के पदाधिकारियों की इसमें संलिप्तता को भी उजागर करती है। पूर्व IPS अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों को PM की सुरक्षा व्यवस्था के लिए नियोजित किया गया था वो पीएम के वैकल्पिक रूट को जानते थे।

पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि जिस वक्त खुली सड़क पर प्रधानमंत्री का काफिला 20 मिनट तक बेबस और लाचार मुद्रा में खड़ा था, उस दौरान पंजाब पुलिस के जवान और अधिकारी प्रदर्शनकारियों के साथ चाय का लुत्फ ले रहे थे। ये उनके इरादों को साफ बयान करता है। इसके अलावा, मीडिया रिपोर्टों और वीडियो से साफ पता चलता है कि उस वक्त वहाँ पर पंजाब पुलिस का कोई सीनियर अधिकारी मौजूद नहीं था।

पूर्व IPS अधिकारियों ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा कि वे उन्हें ये पत्र इसलिए लिख रहे है, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है कि पीएम की सुरक्षा में चूक के मामले में राज्य की एजेंसियाँ बहाने बना रही हैं। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री भी विरोधाभासी बयान दे रहे हैं।

गौरतलब है कि 5 जनवरी 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के फिरोजपुर के दौरे पर जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में कथित किसान प्रदर्शनकारियों ने उनके रास्ते को ब्लॉक कर दिया था। लगभग 20 मिनट तक वहाँ फँसे रहने के बाद पीएम का काफिला भठिंडा एयरपोर्ट पर वापस लौट आया। इसके बाद पीएम मोदी ने पंजाब के अधिकारियों से कहा था, “अपने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहना कि मैं भठिंडा एयरपोर्ट तक जिंदा पहुँच गया।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उत्तराखंड में तेज़ी से बढ़ रही मुस्लिमों और ईसाईयों की जनसंख्या: UCC पैनल की रिपोर्ट में खुलासा – पहाड़ों से हो रहा पलायन

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में आबादी घट रही है, तो मैदानी इलाकों में बेहद तेजी से आबादी बढ़ी है। इसमें सबसे बड़ा योगदान दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों ने किया है।

जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल को अब दिल्ली के LG जितनी शक्तियाँ, ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए भी उनकी अनुमति ज़रूरी: मोदी सरकार के आदेश पर भड़के...

जब से जम्मू कश्मीर का पुनर्गठन हुआ है, तब से वहाँ चुनाव नहीं हो पाए हैं। मगर जब भी सरकार का गठन होगा तब सबसे अधिक शक्तियाँ राज्यपाल के पास होंगी। ये शक्तियाँ ऐसी ही हैं, जैसे दिल्ली के एलजी के पास होती है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -