Friday, December 3, 2021
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28000 अतिरिक्त जवानों की J&K में तैनाती, आर्मी-IAF हाई ऑपरेशनल अलर्ट मोड में: स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी

धर्मस्थलों से सुरक्षा हटा ली गई है, क्योंकि ख़ुफ़िया जानकारी मिली है कि विदेशी आतंकवादी वहाँ पुलिस कर्मियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर घाटी में सुरक्षाबल के 28000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। जानकारी के मुताबिक इन सुरक्षाबलों को शहर के अतिसंवेदनशील इलाकों तथा घाटी की अन्य जगहों पर तैनात किया जा रहा है। इनमें अधिकतर सीआरपीएफ कर्मी हैं।

शहर के सभी प्रवेश और बाहर निकलने के रास्तों को केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों को सौंप दिए जाने की खबर सामने आ रही है। कहा जा रहा है स्थानीय पुलिस की महज प्रतीकात्मक उपस्थिति है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गुरुवार (अगस्त 1, 2019) को हुई इस तैनाती का कोई कारण नहीं बताया गया है जबकि कुछ का कहना है कि सुरक्षाबलों की ये तैनाती सरकार के निर्णय पर आने वाले ‘संभावित विरोध’ के ख़िलाफ़ की गई है। फोर्स को यहाँ हाई अलर्ट पर रखा गया है।

इस दौरान कुछ छिटपुट धर्मस्थलों से सुरक्षा हटा ली गई है, क्योंकि खूफिया जानकारी मिली है कि विदेशी आतंकवादी वहाँ पुलिस कर्मियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।

राज्य में शिक्षण संस्थानों में पहले ही गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया था लेकिन बृहस्पतिवार को बताया गया कि स्कूल-कॉलेज 10 दिन तक और बंद रहेंगे। इस दौरान अमरनाथ के कुछ लंगरों को भी बंद करवा दिया गया है।

10,000 सुरक्षाबलों की तैनाती के बाद बृहस्पतिवार को सेना की 280 कंपनियों की खबर सुनकर स्थानीय कुछ भी अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं। मीडिया खबरों की मुताबिक वहाँ स्थानीय बहुत घबराए हुए हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर जरूरी सामान खरीदना शुरू कर दिया है।

बता दें कि अभी कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने कश्मीर में 10,000 अतिरिक्त जवानों को तैनात करने का फैसला लिया था, क्योंकि सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को जवानों पर बड़े हमले की साजिश रचे जाने का इनपुट मिले थे। जिसके मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल ने पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी ग्रिड के अधिकारियों के साथ बैठक कर घाटी में सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा भी लिया था। इसी इनपुट के आधार पर सरकार ने एहतियातन अतिरिक्त जवानों को तैनात करने का फैसला किया है और खुद डोवाल हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

कश्मीर के मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय वायु सेना और आर्मी को हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रखा गया है। CRPF और पारा-मिलिटरी की तुरंत तैनाती के लिए वायुसेना के C-17 हेवी लिफ्ट प्लेन को भी ऑपरेशनल मोड में रखने का आदेश है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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