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स्वदेशी रक्षा निर्माताओं को मिल सकता है अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर: रक्षा मंत्रालय ने 97 तेजस और 156 प्रचंड खरीदने की दी मंजूरी

भारत ने सशस्त्र बलों को आधुनिकीकरण के तहत गुरुवार (30 नवंबर 2023) को 2.23 लाख करोड़ रुपए की रक्षा खरीद परियोजनाओं को प्रारंभिक मंजूरी दे दी। इसमें 97 तेजस हल्के लड़ाकू विमान और 156 प्रचंड लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की खरीद शामिल है।

भारत ने सशस्त्र बलों को आधुनिकीकरण के तहत गुरुवार (30 नवंबर 2023) को 2.23 लाख करोड़ रुपए की रक्षा खरीद परियोजनाओं को प्रारंभिक मंजूरी दे दी। इसमें 97 तेजस हल्के लड़ाकू विमान और 156 प्रचंड लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की खरीद शामिल है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने इन परियोजनाओं को मंजूरी दी।

इस रक्षा खरीद को ऐसे समय में मंजूरी दी गई है, जब भारत और चीन के बीच तनाव बना हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 2.23 लाख करोड़ रुपए की कुल खरीद का 98 प्रतिशत घरेलू उद्योगों से प्राप्त किया जाएगा। मंत्रालय के इस कदम से घरेलू रक्षा उद्योग को काफी बढ़ावा मिलेगा।

97 तेजस फाइटर जेट और 156 प्रचंड अटैक हेलीकॉप्टर की कुल कीमत 1.10 लाख करोड़ रुपए है। दोनों स्वदेशी हैं। यह भारत के इतिहास में स्वदेशी निर्माताओं को मिलने वाला सबसे बड़ा ऑर्डर है। इसके अलावा, कुछ अन्य रक्षा सौदों को भी मंजूरी दी गई है। इन्हें भारतीय वायुसेना और थल सेना के लिए हासिल किया जा रहा है।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारतीय नौसेना के सतह प्लेटफॉर्म के लिए मध्यम दूरी की एंटी-शिप मिसाइलों को भी मंजूरी दी गई। वहीं, भारतीय फील्ड गन की जगह लेने के लिए टोड गन सिस्टम की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। डीएसी ने दो प्रकार के एंटी-टैंक युद्ध सामग्री अर्थात् ‘एरिया डिनायल युद्ध सामग्री’ (एडीएम) टाइप-2 और टाइप-3 की खरीद के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) या प्रारंभिक मंजूरी दी है।

सैन्य साजोसामान की खरीद संबंधी शीर्ष निकाय ने भारतीय नौसेना के लिए मध्यम दूरी की पोतरोधी मिसाइल (MRASHM) खरीदने के एक अन्य प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा, टी-90 टैंकों के लिए स्वचालित लक्ष्य ट्रैकर (एटीटी) और ‘डिजिटल बेसाल्टिक कंप्यूटर’ (डीबीसी) के अधिग्रहण और एकीकरण को भी मंजूरी मिली है। MRASHM सतह से सतह पर मार करने वाला एक हल्का प्रक्षेपास्त्र है।

हालाँकि, DAC द्वारा दी गई मंजूरी खरीद की स्वीकृति है। इसके बाद इनके निर्माताओं के साथ बातचीत होगी और कीमत तय की जाएगी। इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह अवधि विदेशी निर्माताओं की तुलना में बहुत कम होने की उम्मीद है। तेजस भारत का बनाया हुआ अपना पहला फाइटर जेट है। इसे फरवरी 2019 में पूरी तरह से हथियारबंद फाइटर जेट के रूप में भारतीय वायु सेना में शामिल करने की अंतिम परिचालन मंजूरी मिली थी।

वहीं, प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टरों का पहला बैच पिछले साल वायुसेना और थल सेना में शामिल किया गया था। दो इंजन वाले इस हेलीकॉप्टर को HAL ने विकसित किया है। लगभग 5.8 टन वजन वाला यह हेलीकॉप्टर 21,000 फीट की ऊँचाई पर भी अपनी सेवाएँ दे सकता है। इसे सियाचिन, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे जगहों के लिए डिजाइन किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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