Sunday, April 14, 2024
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षास्वदेशी तेजस के बाद MiG-29, सुखोई-30 MKI फाइटर प्लेनों की खरीद की तैयारी

स्वदेशी तेजस के बाद MiG-29, सुखोई-30 MKI फाइटर प्लेनों की खरीद की तैयारी

वायु सेना में लड़ाकू विमानों की कमी पूरी करने के लिए भारत सरकार ने अपनी रक्षा खरीद प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान किया है। इसी क्रम में उसने फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया है।

सीमा पर चीन और पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के मद्देनजर भारत अपनी सामरिक क्षमता में लगातार इजाफा कर रहा है। भारतीय वायु सेना (IAF) में नए लड़ाकू विमानों को शामिल करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। स्वदेश निर्मित 83 तेजस लड़ाकू विमानों की खरीद को सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद रूस से भारत मिग-29 एवं सुखोई 30 एमकेआई खरीदने की तैयारी कर रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारत आने वाले दिनों में रूस से 21 मिग-29 और 12 सुखोई-30 एमकेआई फाइटर प्लेन खरीदेगा।

रूस को शीघ्र जाएगा RFP

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि 21 मिग-29 विमानों के लिए RFP (request for proposal)  शीघ्र ही रूस की कंपनी रोकोबोर्नोएक्पोर्ट को जारी किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार रूस से खरीदे जाने वाले इस मिग-29 की कीमत अपेक्षाकृत कम है। भारतीय वायु सेना में इन विमानों के शामिल हो जाने से इस तरह के विमानों की संख्या बढ़कर 59 हो जाएगी। 12 सुखोई के आने से इस तरह के लड़ाकू विमानों की संख्या 272 हो जाएगी। भारत 272 सुखोई में से अब तक 268 को अपने बड़े में शामिल कर चुका है।

IAF को चाहिए 42 स्क्वॉड्रन

विगत सालों में हुए हादसों में कम से कम 9 सुखोई दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। 83 नए तेजस वायु सेना में जनवरी 2024 से दिसंबर 2028 के बीच शामिल होंगे। इनके अलावा मिग-29 और सुखोई के शामिल होने से वायु सेना को अपनी स्क्वॉड्रन को बरकरार रखने में आसानी होगी। वायु सेना के बेड़े में शामिल मिग-21, मिग-23 और मिग-27 पुराने पड़ गए हैं और ये धीरे-धीरे सेवा से बाहर हो रहे हैं। 

आने वाले समय में आईएएफ के पास लड़ाकू विमानों की करीब 30 स्क्वॉड्रन (एक स्क्वॉड्रन में 16 से 18 विमान) रह जाएगी। चीन और पाकिस्तान दोनों के साथ एक साथ निपटने के लिए आईएएफ के पास लड़ाकू विमानों की कम से कम 42 स्क्वॉड्रन होनी चाहिए। बताया जाता है कि मिग-21 बाइसंस के चार स्क्वॉड्रन 2024 तक सेवा से बाहर हो जाएँगे। 

मिग विमान रूस से और जगुआर ब्रिटेन से आए

वायु सेना में लड़ाकू विमानों की कमी पूरी करने के लिए भारत सरकार ने अपनी रक्षा खरीद प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान किया है। इसी क्रम में उसने फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया है। राफेल दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में शामिल है। फ्रांस से भारत को राफेल मिलने शुरू भी हो गए हैं। 

अब तक भारत सरकार मुख्य रूप से रूस और ब्रिटेन से लड़ाकू विमान खरीदते आई है। सुखोई एमकेआई को 1990 के अंतिम दशक और मिग-29 को 1980 की शुरुआत में रूस से खरीदा गया था। ब्रिटेन से जगुआर भी 1980 के दशक की शुरुआत में हासिल किए गए थे। 

बीच-बीच में उन्नत हुए हैं लड़ाकू विमान

भारत के पास इस समय लड़ाकू विमानों की करीब 33 स्क्वॉड्रन है। प्रत्येक स्क्वॉड्रन में 16 लड़ाकू विमान और दो ट्रेनर विमान शामिल होते हैं। कुल मिलाकर भारत के पास 500 से ज्यादा फाइटर प्लेन हैं। हालाँकि, चीन और पाकिस्तान दोनों की चुनौती से एक साथ निपटने के लिए आईएएफ को 42 स्क्वॉड्रन रखने की मँजूरी मिली हुई है। आईएएफ के बेड़े में अभी मिग-21 बीआईएस, जगुआर, मिराज 2000, मिग-29, सुखोई एमकेआई और स्वदेश निर्मित तेजस के स्क्वॉड्रन शामिल हैं। ब्रिटिश हॉक को साल 2004 में शामिल किया गया। मिग-21 बीआईएस, जगुआर, मिराज 2000 और मिग-29 बीच-बीच में उन्नत हुए हैं। 

पाक के पास 450, चीन के पास 200 से ज्यादा लड़ाकू विमान

पाकिस्तान और चीन के लड़ाकू विमानों की संख्या की अगर बात करें तो पड़ोसी देश पाक के पास करीब 450 लड़ाकू विमान हैं। पाकिस्तान के पास मौजूदा समय की तकनीक वाले 18 एफ-16 फाइटर प्लेन हैं। पाकिस्तानी वायु सेना के बेड़े के ज्यादातर लड़ाकू विमानों की तकनीक पुरानी हो गई है। चीन के पास दो हजार से ज्यादा लड़ाकू विमान हैं। चीन के साथ दिक्कत है कि वह अपनी वायु सेना के सभी लड़ाकू विमानों को भारत के खिलाफ नहीं लगा सकता। उसे अपनी वायु सुरक्षा के लिए अपने लड़ाकू विमानों को अलग-अलग इलाकों में तैनात करनी होती है।

राफेल ने भारत की क्षमता बढ़ाई

भारत में राफेल लड़ाकू विमानों के आ जाने से वायु सेना की ताकत में कई गुना इजाफा हो गया है। इससे चीन और पाकिस्तान की वायु सेना पर बढ़त बनाने में मदद मिली है। आज के समय में केवल लड़ाकू विमानों की संख्या ज्यादा रखना बड़ी बात नहीं है, बल्कि ये विमान आधुनिक एवं उन्नत तकनीक पर आधारित और स्टील्थ फीचर्स में युक्त एवं बेजोड़ होने चाहिए।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ईरान ने ड्रोन-मिसाइल से इजरायल पर किए हमले: भारत आ रहे यहूदी अरबपति के मालवाहक जहाज को भी कब्जे में लिया, 17 भारतीय हैं...

ईरान ने इजरायल पर ड्रोन और मिसाइल से हवाई हमले किए हैं। इससे पहले एक मालवाहक जहाज को जब्त किया था, जिस पर 17 भारतीय सवार थे।

BJP की तीसरी बार ‘पूर्ण बहुमत की सरकार’: ‘राम मंदिर और मोदी की गारंटी’ सबसे बड़ा फैक्टर, पीएम का आभामंडल बरकार, सर्वे में कहीं...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाती दिख रही है। नए सर्वे में भी कुछ ऐसे ही आँकड़े निकलकर सामने आए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe