Saturday, July 13, 2024
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‘मोदी को जूती दिखाओ, ₹7400000 पाओ’ : पंजाब में PM के विरोध के लिए SFJ ने की थी इनाम की घोषणा, याद दिलाया ‘इंदिरा गाँधी’ का हाल

ये वीडियो कथिततौर पर 3 जनवरी 2022 को ही खालिस्तानी संगठन के सोशल मीडिया पर अपलोड हुई थी। इस वीडियो में गुरपतवंत सिंह पन्नू, सिखों को पीएम मोदी के ख़िलाफ़ भड़का रहा था।

पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक के बाद खालिस्तानी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ की एक वीडियो सामने आई है। ये वीडियो कथिततौर पर 3 जनवरी 2022 को ही खालिस्तानी संगठन के सोशल मीडिया पर अपलोड हुई थी। इस वीडियो में गुरपतवंत सिंह पन्नू, सिखों को पीएम मोदी के ख़िलाफ़ भड़का रहा था।

वीडियो में वह साफ तौर पर कहता सुनाई पड़ रहा है, “पीएम मोदी 5 जनवरी को पंजाब में आ रहा है। ये 3700 किसान भाइयों की मौतों का जिम्मेदार है। अभी उनकी लाश ठंड भी नहीं हुई और ये तुम्हारे बीच 5 जनवरी को आकर वोट माँगने वाला है। इसका विरोध करना पड़ेगा। इसे जूती दिखाओ और 1 लाख डॉलर (74,41,015 रुपए) पाओ। ये रकम सिख फॉर जस्टिस देगी।”

पन्नू, पूर्व पीएम इंदिरा गाँधी की हत्या को याद दिलाकर सिखों को भड़काता है। वह कहता है, “याद करो इंदिरा गाँधी जिसने सिख धर्म और पंथ पर हमला किया था।” आगे वह कहता है, “इस मोदी को दिखा दो तुम कि पंजाब खालिस्तान है। 5 जनवरी को चाहे कोई पुलिस वाला, चाहे कोई पत्रकार या कोई अस्पताल का कर्मचारी… जूती दिखाओ और 1 लाख डॉलर पाओ। इसकी दलाली करने वाले कैप्टेन अमरिंदर, ढींढसा..ये खालिस्तान है। तुम्हें किसी से कुछ माँगना नहीं है। लेना है। लेना है तुम्हें अपना हक 5 जनवरी को। कातिल मोदी को दिखा दो पंजाब आजादी की ओर चल चुका है।”

इस वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “एसएफजे लोगों को उकसा रहा है और जो भी वो कर रहा है वो ISI के कहने पर कर रहा है।”

बता दें कि उक्त वीडियो पीएम मोदी की पंजाब जाने से दो दिन पहले की है। इसने पंजाब से पीएम के लौटने के बाद भी वीडियोज जारी की हैं। हालिया वीडियो में पन्नू ने घोषणा की है कि 5 जनवरी को फ्री खालिस्तान जनमत संग्रह आंदोलन शुरू हो गया है और पंजाब के लोगों ने स्वतंत्रता की ओर कदम बढ़ा दिया है। अपने आपत्तिजनक वीडियो में पीएम मोदी और भारत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए पन्नू ने कहा कि फ्री खालिस्तान जनमत संग्रह अभियान 5 जनवरी को तब शुरू हुआ जब ‘तिरंगवाले (भारतीय)’ पंजाब से दिल्ली भाग गए, जबकि ‘खंडे और केसरी वालों (सिख)’ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब से भागने पर मजबूर कर दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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