Monday, May 20, 2024
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाम्यांमार ने भारत को सौंपे नॉर्थ-ईस्ट के 22 उग्रवादी: NSA अजीत डोभाल के प्रयासों...

म्यांमार ने भारत को सौंपे नॉर्थ-ईस्ट के 22 उग्रवादी: NSA अजीत डोभाल के प्रयासों ने दिखाया रंग

डोभाल के अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ कि जब म्यांमार सरकार ने नॉर्थ-ईस्ट के विद्रोही समूहों के नेताओं को सौंपने के भारत के अनुरोध पर काम किया है। यह दोनों देशों के बीच बढ़ते खुफिया और रक्षा सहयोग के कारण संभव हुआ है।

म्यांमार की सेना ने नॉर्थ-ईस्ट के 22 उग्रवादी भारत को सौंपे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के नेतृत्व में संचालित ऑपरेशन के कारण यह मुमकिन हो पाया है।

यह पहला मौका है जब म्यांमार ने पूर्वोत्तर के उग्रवादियों को सौंपने के भारत सरकार के अनुरोध पर काम किया है।डोभाल अरसे से इस दिशा में सक्रिय थे।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक 22 उग्रवादियों को म्यांमार की सेना ने भारत को सौंप दिया है। विशेष विमान से इन्हें भारत लाया गया। अब ये उग्रवादी मणिपुर और असम की पुलिस को सौंप दिए जाएँगे।

जानकारी के मुताबिक 22 विद्रोहियों में से 12 मणिपुर में चार विद्रोही समूहों से जुड़े हुए हैं। ये उग्रवादी UNLF, PREPAK (Pro), KYKL और PLA से हैं। बाकी 10 एनडीएफबी (एस) और केएलओ जैसे असम में सक्रिय समूहों से जुड़े हैं।

डोभाल के अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ कि जब म्यांमार सरकार ने नॉर्थ-ईस्ट के विद्रोही समूहों के नेताओं को सौंपने के भारत के अनुरोध पर काम किया है। यह दोनों देशों के बीच बढ़ते खुफिया और रक्षा सहयोग के कारण संभव हुआ है। वहीं सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि म्यांमार सरकार के लिए यह एक बड़ा कदम है और दोनों देशों के बीच गहराते संबंधों का यह एक परिणाम भी है।

दरअसल म्यांमार के साथ भारत की 1,600 किलोमीटर की सीमा लगती है। लेकिन म्यांमार की सेना द्वारा ऑपरेशन करने पर सहमति बनने के बाद पिछले कुछ वर्षों से उग्रवादी समूह दवाब में हैं। पिछले साल, म्यांमार की सेना ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा प्रदान की गई इंटेलिजेंस सूचना के आधार पर अभियान चलाया था। इन अभियानों में 22 विद्रोहियों को म्यांमार सेना ने सागिंग क्षेत्र में पकड़ा था।

आपको बता दें कि इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने असम में शांति बहाल को लेकर 34 साल पुराने विवाद को सुलझाया था, जिसके तहत 6 उग्रवादी संगठनों ने सरकार के सामने घुटने टेक दिए थे। इसके लिए त्रिपक्षीय करार पर हस्ताक्षर किए गए थे।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत में 1300 आइलैंड्स, नए सिंगापुर बनाने की तरफ बढ़ रहा देश… NDTV से इंटरव्यू में बोले PM मोदी – जमीन से जुड़ कर...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आँकड़े गिनाते हुए जिक्र किया कि 2014 के पहले कुछ सौ स्टार्टअप्स थे, आज सवा लाख स्टार्टअप्स हैं, 100 यूनिकॉर्न्स हैं। उन्होंने PLFS के डेटा का जिक्र करते हुए कहा कि बेरोजगारी आधी हो गई है, 6-7 साल में 6 करोड़ नई नौकरियाँ सृजित हुई हैं।

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने ही अध्यक्ष के चेहरे पर पोती स्याही, लिख दिया ‘TMC का एजेंट’: अधीर रंजन चौधरी को फटकार लगाने के बाद...

पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस का गठबंधन ममता बनर्जी के धुर विरोधी वामदलों से है। केरल में कॉन्ग्रेस पार्टी इन्हीं वामदलों के साथ लड़ रही है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -