Homeदेश-समाजPFI के 2 दफ्तरों को किया गया सील, राजस्थान के जयपुर और कोटा में...

PFI के 2 दफ्तरों को किया गया सील, राजस्थान के जयपुर और कोटा में NIA की कार्रवाई: आतंकवाद के पैसों से चल रहे थे, एक ऑफिस मस्जिद के पास

राजस्थान के कोटा जिले की रामपुरा थाना कोतवाली पुलिस ने बिल्डिंग पर एक नोटिस अटैच होने की जानकारी दी है। इस से पहले NIA की टीम पिछले माह फरवरी की 18 तारीख को इसी बिल्डिंग पर एक्शन के लिए कोटा पहुँची थी।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने राजस्थान के कई जिलों में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के ऑफिसों और सम्पत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस सिलसिले में NIA की टीम ने कोटा और जयपुर में PFI के कार्यालयों को UPPA के तहत अटैच किया है। जाँच एजेंसी ने बताया कि इन ऑफिसों को आतंकवाद से कमाए गए पैसों से संचालित किया जा रहा था।। यह एक्शन शुक्रवार (24 मार्च, 2023) को हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NIA ने जिन सम्पत्तियों को अटैच किया है उसमें एक जगह कोटा के रामपुरा थाना क्षेत्र की है। जाँच एजेंसी ने यहाँ लाडपुरा लाल जी की घाटी स्थित अराकेन बड़ी मस्जिद के पास बने मदरसा फुरकानिया पर नोटिस चस्पा किया है। जिस दूसरी जगह NIA ने कार्रवाई की है वह राजस्थान की राजधानी जयपुर में है। यहाँ पर मोती डूंगरी रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के पास स्थित मकान नंबर 2 पर ताला लगाया गया है। NIA ने दोनों ही स्थानों की कमाई आतंकवाद के जरिए होने की जानकारी दी है।

राजस्थान के कोटा जिले की रामपुरा थाना कोतवाली पुलिस ने बिल्डिंग पर एक नोटिस अटैच होने की जानकारी दी है। इस से पहले NIA की टीम पिछले माह फरवरी की 18 तारीख को इसी बिल्डिंग पर एक्शन के लिए कोटा पहुँची थी। तब कोटा में 2 स्थानों पर कार्रवाई हुई थी। दूसरी जगह विज्ञान नगर थाना क्षेत्र में है। शुक्रवार को हुई कार्रवाई के दौरान बिल्डिंग पर कोई भी मौजूद नहीं मिला। इस बिल्डिंग के पास मौजूद मस्जिद के सदर से NIA के अधिकारियों ने बात की।

क्या है पूरा मामला

दरअसल साल 2022 के सितंबर माह में NIA ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया के प्लान 2047 का पर्दाफाश किया था। इस मामले में दर्ज FIR में PFI पर आरोप लगाया गया था कि वह भारत को 2047 तक इस्लामिक स्टेट बनाना चाह रहा था। इसकी तैयारी के लिए PFI द्वारा मुस्लिम युवाओं को न सिर्फ मज़हबी कट्टरता बल्कि हथियारों की भी ट्रेनिंग दी जा रही थी। जाँच के दौरान इस नेटवर्क की साजिश में कोटा के मोहम्मद आसिफ और बारां के सादिक सराफ भी शामिल मिले थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘जय श्री राम’ पर मौन और ‘अस्सलाम वालेकुम’ पर तुरंत जवाब… क्या सच में एंटी-हिंदू है एप्पल का सिरी?, सोशल मीडिया पर नेटीजन्स ने...

सिरी जिस तरह 'जय श्री राम' पर चुप और 'अस्सलाम वालेकुम' पर जवाब देता है, उससे नेटीजन्स अब एप्पल कंपनी पर 'हिंदू विरोधी' होने के सवाल उठा रहे।

लद्दाख में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: अब सभी 7 जिलों में बनेगी स्वायत्त हिल काउंसिल, जानिए स्थानीय लोगों को होगा क्या-क्या फायदा?

लद्दाख के सभी सात जिलों में स्वायत्त हिल विकास परिषदें बनेंगी, जिससे स्थानीय शासन, भूमि, रोजगार, विकास और वित्तीय अधिकार मजबूत होंगे।
- विज्ञापन -