Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपाकिस्तानी सेना ने की 370 पर LOC तक मार्च की अपील: भारतीय सेना हाई...

पाकिस्तानी सेना ने की 370 पर LOC तक मार्च की अपील: भारतीय सेना हाई अलर्ट, देगी मुँहतोड़ जवाब

पाकिस्तान ने एक बार फिर शुक्रवार को अनुच्छेद 370 को लेकर प्रदर्शन के लिए लोगों को तैयार कर रहा है। इस बार पाकिस्तान ने एलओसी तक कश्मीरी लोगों से मार्च करने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 निष्क्रिय हुए लगभग 60 दिन हो चुके हैं मगर पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे पर अपनी खिसियाहट सीमा और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर निकाल रहा है। पाकिस्तान की ओर से इस साल जहाँ 2000 से अधिक बार सीजफायर उल्लंघन किया गया है, वहीं लगातार भारतीय सीमा में घुसपैठ के लिए आतंकी एलओसी पर फिराक में बैठे हैं। एक बार फिर शुक्रवार (अक्टूबर 4, 2019) को अनुच्छेद 370 को लेकर प्रदर्शन के लिए लोगों को तैयार कर रहा है। इस बार पाकिस्तान एलओसी तक कश्मीरी लोगों से मार्च करने की अपील की है। 

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने अनुच्छेद 370 पर कश्मीर में अशांति फैलाने के मकसद से यह तैयारी की है। इसके लिए पूरे गुलाम कश्मीर में पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर नारा लिखा है, ‘एलओसी तोड़ दो, बिखरा कश्मीर जोड़ दो।’ गुलाम कश्मीर के लोगों को आगे कर सीमा पर बड़े पैमाने पर हिंसा की रची गई साजिश को देखते हुए भारत ने सीमा पर सुरक्षा के काफी पुख्ता प्रबंध किए हैं। भारतीय सेना भी हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना द्वारा प्रचारित किए जा रहे इस मार्च को असफल करने के लिए कमर कस ली है।

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन हर जगह से उसके हाथ असफलता लग रही है। इसके साथ पाकिस्तान सीमा पर भारत में अशांति पैदा करने के लिए घुसपैठ कराने की कोशिश में लगा हुआ है। लेकिन यहाँ भी भारत के सुरक्षाबल पटखनी दे रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -