Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षापुलवामा में जैश, लश्कर और हिज़्बुल की गुप्त बैठक, Pak ने आतंकियों को सौंपे...

पुलवामा में जैश, लश्कर और हिज़्बुल की गुप्त बैठक, Pak ने आतंकियों को सौंपे अलग-अलग टास्क

ख़ुफ़िया एजेंसियों ने आगाह किया है कि आतंकी संगठन कुछ राजनेताओं और सुरक्षा बलों के जवानों व अधिकारियों की हत्या की साजिश रच रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही है।

पाकिस्तानी फ़ौज और आईएसआई की शह पर लश्कर-ए-तैयबा, हिज़्बुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद ने कई आतंकियों को जम्मू-कश्मीर सहित भारत के अन्य हिस्सों में हमला करने के लिए अलग-अलग टास्क दिया है। इनके निशाने पर राजनेता से लेकर पुलिस और सुरक्षा बलों के कर्मी हैं। एएनआई ने एक डॉक्यूमेंट के हवाले से ये खुलासा किया है।

इस डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि पुलवामा में एक अज्ञात जगह पर तीनों बड़े आतंकी समूहों की पिछले हफ्ते गुप्त बैठक हुई। बैठक में उन्हें पाकिस्तान से मिले टास्क और भविष्य में क्या-क्या किया जाना है, इस पर चर्चा हुई। ख़ुफ़िया एजेंसियों ने आगाह किया है कि आतंकी संगठन कुछ राजनेताओं और सुरक्षा बलों के जवानों व अधिकारियों की हत्या की साजिश रच रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही है।

जैश को नेशनल हाइवे पर हमले करने का टास्क दिया गया है। लश्कर को सुरक्षा बलों और उनके कैम्पों पर हमला करने का टास्क मिला है। हिज़्बुल को जम्मू-कश्मीर में शटडाउन कराने और राजनेताओं व सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का टास्क दिया गया है। यह सब कुछ पाकिस्तानी फ़ौज और आईएसआई की सहमति के बाद किया गया। हिज़्बुल मुजाहिदीन को स्थानीय लोगों को निशाना बनाने और घाटी में अशांति पैदा करने का टास्क भी दिया गया है।

इन आतंकी संगठनों को डर है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से घाटी में कई विकास कार्य हो सकते हैं और सरकार जिस तरह से राज्य की जनता की भलाई के लिए काम कर रही है, इससे वहाँ शांति बहाल हो सकती है। इन्होंने योजना बनाई है कि जब भी कोई अच्छी ख़बर आएगी, किसी आतंकी वारदात द्वारा उसे दबाने और नकारात्मकता फैलाने की कोशिश की जाएगी। सुरक्षा बलों को आतंकियों के मंसूबे को नाकाम करने के लिए भारतीय सेना, स्थानीय पुलिस और ख़ुफ़िया विभाग से तालमेल बिठा कर रखने को कहा गया है।

लश्कर, जैश और हिज़्बुल लगातार जम्मू-कश्मीर में दुकानें बंद रखने के लिए दुकानदारों को धमका रहे हैं। ये चाहते हैं कि बाजार बाजार ठप्प हो जाए और लोग ज़रूरी समान भी न ख़रीद पाएँ। ऐसा कर के ये वहाँ की जनता के बीच सरकार के ख़िलाफ़ माहौल बनाना चाहते हैं। आतंकी पेट्रोल पम्प मालिकों को भी धमकी दे रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -