Homeदेश-समाजआम चुनाव से पहले कोलकाता में 1000 किलो विस्फोटक के साथ 2 गिरफ्तार

आम चुनाव से पहले कोलकाता में 1000 किलो विस्फोटक के साथ 2 गिरफ्तार

आम चुनाव से ठीक पहले विस्फोटक पदार्थ की इतनी बड़ी खेप का मिलना गंभीर मसला है। एसटीएफ जाँच कर रही है कि कहीं इनका इस्तेमाल चुनाव के दौरान तो नहीं किया जाना था?

कोलकाता के चितपुर इलाके में एसटीएफ ने भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद किए हैं। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज शनिवार (मार्च 09, 2019) को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि चितपुर थाना अंतर्गत, टाला ब्रिज के उत्तरी छोर के निकट बीटी रोड से गुजर रहे एक टाटा-407 मेटाडोर (OD-01 B-5089) माल वाहन को रोका गया और उसमें रखे 27 बैग जब्त किए, जिनमें करीब 1,000 kg पोटेशियम नाइट्रेट था।

IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने एक गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार सुबह ही कार्रवाई की। इस दौरान स्पेशल टास्क फोर्स ने 1,000 kg पोटैशियम नाइट्रेट के साथ 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने वाहन चालक और उसके सहायक को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों आरोपित इंद्रजीत भुई और पद्मलोचन डे, ओडिशा से विस्फोटक पदार्थ लेकर नॉर्थ 24 परगना में जा रहे थे। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है।

एसटीएफ ने बताया कि अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि आखिर इतनी भारी मात्रा में पोटैशियम नाइट्रेट क्यों ले जाया जा रहा था। लेकिन आम चुनाव से ठीक पहले विस्फोटक पदार्थ की इतनी बड़ी खेप का मिलना गंभीर मसला है। एसटीएफ जाँच कर रही है कि कहीं इनका इस्तेमाल चुनाव के दौरान तो नहीं किया जाना था?

पोटैशियम नाइट्रेट विस्फोटक बारूद के 3 घटकों में से एक है। इसका उपयोग मुख्य रुप से उर्वरक, रॉकेट के नोदक (प्रोपेलेंट) और पटाखों में होता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -