Sunday, October 17, 2021
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाभारतीय सेना ने 20 चीनी फौजियों को जख्मी कर खदेड़ा, सीमा में घुसने का...

भारतीय सेना ने 20 चीनी फौजियों को जख्मी कर खदेड़ा, सीमा में घुसने का कर रहे थे प्रयास

भारत-चीन सैनिकों के बीच इस झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख के मोल्डो में भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक हुई। करीब 15 घंटे चली इस बैठक का निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है

LAC पर चल रहे भारत और चीन के विवाद के बीच एक बार फिर सिक्किम में दोनों पक्षों में झड़प हुई है। कहा जा रहा है कि तीन दिन पहले चीन ने भारत की सीमा में घुस कर यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया, लेकिन तभी भारतीय सैनिकों ने उन्हें रोका और खदेड़ कर वापस उनके क्षेत्र में भेज दिया। इस दौरान ही झड़प भी हुई, जिसमें 20 चीनी सैनिक घायल हुए। वहीं भारत के भी 4 जवानों को चोटें आईं।

मीडिया खबरों के अनुसार, सिक्किम के नाकुला में यह झड़प हुई थी, जिसके कारण वहाँ हालात तनावपूर्ण हैं लेकिन स्थिति अब काबू में हैं। कहा जा रहा है कि झड़प के दौरान हथियारों का इस्तेमाल नहीं हुआ, मगर दोनों देशों के सैनिकों को चोटें आई हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय क्षेत्र के साथ सभी प्वाइंट पर मौसम की स्थिति खराब होने के बावजूद कड़ी चौकसी बरती जा रही है।

गौरतलब है कि भारत-चीन सैनिकों के बीच इस झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख के मोल्डो में भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक हुई। करीब 15 घंटे चली इस बैठक का निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। लेकिन इसके जरिए तनाव को कम करने की अपील की गई। इसके अलावा यह भी खबर है कि चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख से अपने 10,000 सैनिकों को वापस बुला लिया है। हालाँकि कुछ सेना की तैनाती अब भी है इसलिए भारतीय जवान भी पीछे नहीं हुए हैं।

यहाँ बता दें कि साल 2017 में डोकलाम विवाद के बाद लद्दाख में पिछले साल भारत और चीनी सैनिक एक-दूसरे के सामने आए थे। 15 जून 2020 को गलवान घाटी पर हुई भिड़ंत के दौरान 20 भारतीय जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। वहीं 43 चीनी सैनिकों के भी मारे जाने की खबर सामने आई थी, लेकिन चीन ने मरने वाले सैनिकों की संख्या का खुलासा नहीं किया था।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल जून में LAC पर हुई हिंसा 1975 के बाद पहली ऐसी हिंसा थी जिसमें सैनिकों ने जान गॅंवाई। चीन ने भारतीय सेना पर हमला करने के लिए लाठी-ंडंडे, रॉड, हॉकी, ड्रैगन पंच, कंटीली तारों वाले हथियार आदि का इस्तेमाल किया था।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बेअदबी करने वालों को यही सज़ा मिलेगी, हम गुरु की फौज और आदि ग्रन्थ ही हमारा कानून’: हथियारबंद निहंगों को दलित की हत्या पर...

हथियारबंद निहंग सिखों ने खुद को गुरू ग्रंथ साहिब की सेना बताया। साथ ही कहा कि गुरु की फौजें किसानों और पुलिस के बीच की दीवार हैं।

सरकारी नौकरी से निकाला गया सैयद अली शाह गिलानी का पोता, J&K में रिसर्च ऑफिसर बन कर बैठा था: आतंकियों के समर्थन का आरोप

अलगाववादी नेता रहे सैयद अली शाह गिलानी के पोते अनीस-उल-इस्लाम को जम्मू कश्मीर में सरकारी नौकरी से निकाल बाहर किया गया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,107FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe