Homeसोशल ट्रेंडBlenders Pride के ऐड पर प्रियंका चोपड़ा 'दीदी' से यूज़र्स ने पूछा उनके अस्थमा...

Blenders Pride के ऐड पर प्रियंका चोपड़ा ‘दीदी’ से यूज़र्स ने पूछा उनके अस्थमा का हाल

सोशल मीडिया पर किसी ने उनके अस्थमा के बारे में पूछा तो किसी ने कहा कि दीदी को कोई सिगार लाकर दो।

फ़िल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा आए दिन अपनी किसी न किसी गतिविधि के चलते सुर्ख़ियों में बनी रहती हैं। कभी वो बिकिनी में दिखती हैं तो कभी सिगरेट का धुआँ उड़ाती नज़र आती हैं। सोशल मीडिया पर उनकी इन्हीं तस्वीरों को देखकर लोग टीका-टिप्पणी करते हैं। फ़िलहाल, वो अपने एक ऐड को लेकर चर्चा में है, जिस पर यूज़र्स ने उनके अस्थमा का हाल तक पूछ डाला। दरअसल, प्रियंका चोपड़ा ने नामी-गिरामी ब्रैंडेड शराब के नाम पर होने वाली फैशन टूर की ऐड की क्लिप इंस्टाग्राम पर पोस्ट की।

इस वीडियो क्लिप को पोस्ट करते समय प्रियंका चोपड़ा ने इसके कैप्शन में लिखा, “ज़िंदगी ख़ुद को बार-बार सुदृढ़ बनाना है। आपको हर मौक़े को हाथ में लेना होगा, जोख़िम का सामना भी करना होगा और अपने लिए रास्ता भी बनाना होगा। सभी की सफलता उनकी अपनी है, यह वो चीज़ है जिसे आप ख़ुद कमाते हैं। यह आपका गर्व है।”

ख़बर के अनुसार, प्रियंका चोपड़ा ने जिस ब्रांड के लिए यह ऐड किया है, उसमें उन्होंने तीन अलग-अलग शेड्स के ज़रिए अपनी क़ामयाबी के बारे में बताया। इस वीडियो क्लिप के सोशल मीडिया पर पहुँचते ही यूज़र्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।

सोशल मीडिया पर किसी ने उनके अस्थमा के बारे में पूछा तो किसी ने कहा कि प्रियंका को अस्थमा की बीमारी देश में ही होती है, लेकिन विदेश जाते ही उनकी बीमारी हवा हो जाती है।

एक यूज़र ने दीदी का संबोधन करते हुए लिखा कि कोई दीदी को सिगार लाकर दो। वहीं, एक अन्य यूज़र ने तंज कसा कि ये लोग पैसों के लिए ज़हर तक का प्रमोशन कर देंगे। सोशल मीडिया पर इससे पहले भी प्रियंका चोपड़ा को घेरा गया था, जिसमें यूज़र्स ने उन्हें ये याद दिलाने की कोशिश की थी वो बाढ़ से बेहाल असम की ब्रांड एम्बेसडर हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -