Homeबड़ी ख़बरपुलवामा का बदला: 11 घंटे की मुठभेड़ के बाद मास्टरमाइंड राशिद गाजी ढेर!

पुलवामा का बदला: 11 घंटे की मुठभेड़ के बाद मास्टरमाइंड राशिद गाजी ढेर!

दुखद यह है कि इस मुठभेड़ में सेना के एक मेजर सहित 4 जवान वीरगति को प्राप्त हुए जबकि एक जवान घायल भी हुआ है।

भारतीय सेना व सुरक्षाबलों ने पुलवामा में CRPF के काफ़िले पर हुए आत्मघाती हमले के मास्टरमाइंड को मार गिराया है। रविवार की देर रात से ही पुलवामा के पिंगलिना क्षेत्र में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी थी। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया गया है। सूचना है कि मारे गए आतंकियों में से एक जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर गाजी रशीद भी है, जिसने पुलवामा हमले की साजिश रची थी।

पुलवामा के पिंगलिना में कुछ आतंकियों के छिपे होने की खबर सुरक्षाबलों को रात के 12 बजे मिली। इसके तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया और रात में ही साढ़े 12 बजे से ऑपरेशन शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन को 55-राष्ट्रीय राइफल्स, CRPF और SOG के जवानों ने संयुक्त रूप से चलाया। भारी गोला-बारी के बीच सुरक्षाबलों ने उस बिल्डिंग को उड़ा दिया, जहाँ ये आतंकी छिपे बैठे थे।

आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच जहाँ मुठभेड़ हुई है, उस क्षेत्र में कई पत्थरबाज आ गए। किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सेना ने उनसे हटने की अपील भी की।

आपको बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर गाजी राशिद ने अफगानिस्तान से ट्रेनिंग ली थी। पुलवामा अटैक की साजिश इसी ने रची थी जबकि आदिल अहमद डार आत्मघाती होकर सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था।

हालाँकि दुखद यह है कि इस मुठभेड़ में सेना के एक मेजर सहित 4 जवान वीरगति को प्राप्त हुए जबकि एक जवान घायल भी हुआ है। गोली-बारी में एक स्थानीय नागरिक की भी मौत हुई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चंदन गुप्ता याद हैं? जिन्हें ‘भारत माता की जय’ बोलने पर मुस्लिमों की भीड़ ने उतारा मौत के घाट: समझें वंदे मातरम बिल की...

चंदन गुप्ता हत्याकांड को समझने के लिए जरूरी माना जाता है कि वंदे मातरम् बिल में संशोधन की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है।

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बीच अल्पसंख्यक संस्थानों में आरक्षण पर बहस, AMU-JMI में भी कोटा सिस्टम लागू नहीं: समझें इस ‘दोहरी व्यवस्था’ पर क्यों...

बहस इस बात की है कि मुस्लिम जातियाँ अन्य संस्थानों में OBC आरक्षण का लाभ लेती हैं, लेकिन अपने संस्थानों में हिंदुओं को मौका क्यों नहीं देती?
- विज्ञापन -