Friday, April 19, 2024
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दुबई में ‘असहिष्णुता’ पर बोल रहे हैं राहुल, कोलकता में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता फ़िल्म रिलीज़ पर कर रहे तोड़फोड़

कोलकाता के युवा कॉन्ग्रेस नेताओं ने सेंट्रल कोलकाता में हिंद आईनॉक्स (Hind Inox) के बाहर न सिर्फ़ हंगामा किया बल्कि फ़िल्म रिलीज़ को रोकने के लिए दो जगहों पर स्क्रीन को भी फाड़ दिया

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का विवादों से गहरा नाता है। अपने विवादित बयानों के ज़रिए वो आए दिन सुर्ख़ियों में छाए रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक ऐसा बयान दिया जिसमें वो एक बार फिर अपनी धुर-विरोधी पार्टी को बदनाम करने की साज़िश रचते दिखे।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने दुबई में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के चैंपियन के रूप में ख़ुद को दिखाने की कोशिश की। संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर गए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दुबई में एक रैली को संबोधित किया जहाँ उन्होंने देश के प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए दावा किया कि भारत ‘असहिष्णुता’ को साढ़े चार साल से देख रहा है। मोदी सरकार को घेरते हुए राहुल ने आरोप लगाया कि आज भारत असहिष्णुता और बँटवारे की स्थिति का सामना कर रहा है, उससे भारत कभी सफल नहीं हो सकता।

दिलचस्प बात यह है कि राहुल गाँधी पिछले साढ़े चार वर्षों में असहिष्णु होने का आरोप लगाकर देश को बदनाम कर रहे थे, जबकि उनकी अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता उन सिनेमाघरों को तबाह करने पर तुले हुए थे, जो ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ नामक फ़िल्म की स्क्रीनिंग कर रहे थे। गुंडागर्दी के बेहद निंदनीय प्रदर्शन में, कोलकाता के युवा कॉन्ग्रेस नेताओं ने सेंट्रल कोलकाता में हिंद आईनॉक्स (Hind Inox) के बाहर न सिर्फ़ हंगामा किया बल्कि फ़िल्म की स्क्रीनिंग को रोकने के लिए दो जगहों पर स्क्रीन को फाड़ भी दिया।

एक अन्य घटना में, मध्य प्रदेश के इंदौर में, कॉन्ग्रेस और युवा कॉन्ग्रेस ने फ़िल्म की स्क्रीनिंग के विरोध की घोषणा की थी, जिसके कारण स्थानीय पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी। युवा कॉन्ग्रेस नेताओं की महाराष्ट्र इकाई ने फ़िल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के निर्माताओं को एक पत्र भेजा था, जिसमें फ़िल्म रिलीज़ होने से पहले उनके द्वारा एक विशेष स्क्रीनिंग की माँग की गई थी, ताकि वे इसे सेंसर कर सकें।

इस तरह के हिंसात्मक विरोध और तमाम व्यवधान के अलावा, कॉन्ग्रेस के पारिस्थितिकी तंत्र ने अदालत में कई याचिकाएँ दायर करके फ़िल्म को रिलीज़ होने से रोकने की कोशिश की गई। पंजाब के एक कान्ग्रेसी नेता ने फ़िल्म की रिलीज़ को रोकने के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का रुख़ किया। जनवरी 3, 2019 को, सुधीर कुमार ओझा नाम के एक वकील ने फ़िल्म के अभिनेताओं के ख़िलाफ़ कुछ बड़े लोगों की छवि को नुक़सान पहुँचाने संबंधी मामला दर्ज़ किया। एक ऐसी ही दलील दिल्ली हाई कोर्ट में एक फ़ैशन डिज़ाइनर पूजा महाजन ने अपने वकील अरुण मंत्री के ज़रिये भी दायर की।

देश के बँटे होने का दावा करने वाले राहुल गाँधी उस समय कहाँ थे, जब उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी को मुस्लिमों की पार्टी होने जैसा विवादित बयान दिया था। राहुल कब से इतने परिपक्व हो गए कि वो देश को असहिष्णु और बँटा हुआ करार दे सकें।

बेरोज़गारी जैसा मुद्दा उठाकर क्या वे ख़ुद इस बात का प्रमाण देने में सक्षम हैं, कि कॉन्ग्रेस शासन में रोज़गार मुहैया कराने जैसी कितनी योजनाएँ वास्तविक स्तर पर फलीभूत हुईं। वहीं, बात करें मोदी सरकार की तो अनेकों ऐसी योजनाएँ फलीभूत हुईं हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार को युवाओं की चिंता ही नहीं बल्कि उनके लिए स्किल इंडिया, मेक-इन-इंडिया जैसी तमाम योजनाओं को साकार रूप भी दिया है, जो कॉन्ग्रेस की सोच से भी परे थीं।

इन परिस्थितियों में, राहुल गाँधी के बयान किसी बचकानी हरक़त से कम नहीं, जो यह प्रमाणित करते हैं कि राजनीतिक परिवेश में पलना-बढ़ना ही काफ़ी नहीं होता बल्कि जनता के समक्ष परिपक्वताभरा व्यवहार भी करना होता है, बजाए जनता को भ्रमित करने के उन्हें सही तथ्यों और आँकड़ो से भी अवगत कराना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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