Saturday, July 24, 2021
Homeबड़ी ख़बरसबरीमाला मुद्दे पर राहुल गाँधी का U-टर्न

सबरीमाला मुद्दे पर राहुल गाँधी का U-टर्न

"मैं इस तर्क में वैधता देख सकता हूं कि परंपरा को संरक्षित करने की आवश्यकता है। मैं इस तर्क में भी वैधता देख सकता हूं कि महिलाओं को समान अधिकार होना चाहिए।"

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद पर राहुल गाँधी ने अब पलटी मारी है। पहले राहुल गाँधी सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की पैरवी करते रहे हैं। अब उन्होंने अपने रुख में बदलाव करते हुए कहा है कि वह इस मुद्दे पर कोई ‘स्पष्ट’ रुख अख़्तियार नहीं कर सकते क्योंकि दोनों पक्षों के तर्कों में दम है। राहुल गाँधी ने हाल ही में दुबई में इस बारे में बयान देते हुए इस मुद्दे को काफ़ी जटिल बताया और कहा कि इस बारे में केरल की जनता ही निर्णय करेगी।

राहुल गाँधी ने ये भी स्वीकार किया है कि सबरीमाला मंदिर पर उनकी शुरुआती राय भिन्न थी। एक प्रेस मीटिंग में राहुल ने कहा:

“मैं इस तर्क में वैधता देख सकता हूं कि परंपरा को संरक्षित करने की आवश्यकता है और मैं इस तर्क में भी वैधता देख सकता हूं कि महिलाओं को समान अधिकार होना चाहिए। इसीलिए मैं इस मुद्दे को लेकर कोई सपाट बात नहीं कह सकता कि यही होना चाहिए। मैं इसे केरल के लोगों पर छोड़ता हूँ।”

राहुल गाँधी ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे की जटिलता का एहसास तब हुआ, जब उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी की केरल इकाई से इस बारे में जानकारी माँगी और इस मुद्दे को समझा। इस से पहले राहुल गाँधी इस मामले में महिलाओं के सबरीमाला में प्रवेश की पैरवी करते रहे हैं और उनका रुख श्रद्धालुओं के विरोध में रहा है। अक्टूबर में इस बारे में बयान देते हुए राहुल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि उनकी राय उनकी पार्टी की केरल इकाई से भिन्न है और वो सबरीमाला में महिलाओं को प्रवेश देने की पैरवी करते हैं।

कुल मिला कर देखा जाए तो सबरीमाला मंदिर विवाद पर कॉन्ग्रेस पार्टी, राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस की केरल इकाई- इन तीनों के विरोधाभासी विचार हैं। केरल कॉन्ग्रेस इस मुद्दे पर शुरुआत से ही श्रद्धालुओं के साथ है और राहुल गाँधी इस मुद्दे पर अपनी राय बार-बार बदलते रहे हैं। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर पार्टी की राज्य इकाई से अलग रुख अख़्तियार किया हुआ है। अब राहुल के ताजा बयानों के बाद ये कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या कॉन्ग्रेस पार्टी सबरीमाला विवाद में श्रद्धालुओं का साथ देगी?

ज्ञात हो कि पिछले वर्ष सितम्बर में उच्चतम न्यायलय ने अपने निर्णय में कहा था कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश न देना संविधान के ख़िलाफ़ है। साथ ही अदालत ने महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दे दी थी जिसके बाद केरल में हिंसा भड़क गई थी। इस निर्णय के बाद केरल में वामपंथी संगठन और श्रद्धालु आमने-सामने हैं और उनके बीच लगातार टकराव की स्थिति बनती रही है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हंगामा 2 देखिए, राज की वजह से नुकसान न हो: फैन्स से शिल्पा शेट्टी की गुजारिश, घर पहुँच मुंबई पुलिस ने दर्ज किया बयान

राज कुंद्रा की गिरफ्तारी के केस में मुंबई पुलिस के समक्ष आज बयान दर्ज करवाने के बीच शिल्पा शेट्टी ने अपनी फिल्म हंगामा 2 के लिए अपील की।

‘CM अमरिंदर सिंह ने किसानों को संभाला, दिल्ली भेजा’: जाखड़ के बयान से उठे सवाल, सिद्धू से पहले थे पंजाब कॉन्ग्रेस के कैप्टन

जाखड़ की टिप्पणी के बाद यह आशय निकाला जा रहा है कि कॉन्ग्रेस ने मान लिया है कि उसी ने किसानों को विरोध के लिए दिल्ली की सीमाओं पर भेजा है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
110,931FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe