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रॉबर्ट वाड्रा ने खुद अपनी तुलना माल्या, नीरव और मेहुल चौकसी जैसे भगोड़ों से की

रॉबर्ट ने अपनी पत्नी प्रियंका के समान स्वयं भी सक्रिय राजनीति में आने का संकेत दिया था। लेकिन अब उन्होंने यह बयान भी दे दिया है कि वह जब तक अपने नाम पर लगे दाग को मिटा नहीं लेते तब तक राजनीति से नहीं जुड़ेंगे।

‘चोर की दाढ़ी में तिनका’- हिंदी भाषा की इस कहावत है का इस्तेमाल तब किया जाता है जब कोई गलती करके खुद ही जाने-अंजाने में इशारा कर दे कि वह गुनहगार है। सोनिया गाँधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने इस बार वही किया है। हाल ही में अपने बयान में उन्होंने बिना किसी के कुछ कहे ही अपनी सफाई देते हुए खुद के मामले की तुलना विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे भगौड़े लोगों से कर डाली।

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में इन दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सवालों से रॉबर्ट को लगातार जूझना पड़ रहा है। लंदन वाले मामले में पूछताछ खत्म नहीं हुई थी कि बीकानेर वाले मामले की भी फाइलें ईडी ने खोल दी। ऐसे में हर तरफ से खुद को फँसा हुआ महसूस करते हुए रॉबर्ट ने बुधवार (मार्च 6, 2019) को एएनआई से कहा कि वह (रॉबर्ट) तो इस देश में हैं, लेकिन उनका क्या जो देश को लूट कर भाग गए? रॉबर्ट ने कहा कि जब तक वह अपने आप को बेगुनाह नहीं साबित कर देते तब तक वह इस देश को छोड़कर कही भी नहीं जा रहे हैं और न ही वह इस बीच सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनेंगे।

यहाँ रॉबर्ट ने खुद अपनी सफाई के लिए जिन लोगों कि तरफ इशारा किया उनमें विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी जैसे भगोड़े शामिल हैं। दरअसल, जब से रॉबर्ट की पत्नी प्रियंका ने कॉन्ग्रेस महासचिव पद संभाला है तब से ही उनको अपने पति के इन कारनामों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर पड़ रहा है जिसके कारण रॉबर्ट ने खुलकर यह बयान दिया है।

हाल ही में रॉबर्ट ने अपनी पत्नी प्रियंका के समान स्वयं भी सक्रिय राजनीति में आने का संकेत दिया था। लेकिन अब उन्होंने यह बयान भी दे दिया है कि वह जब तक अपने नाम पर लगे दाग को मिटा नहीं लेते तब तक राजनीति से नहीं जुड़ेंगे। फिलहाल के लिए बता दें कि दिल्ली की अदालत ने उनकी लंदन वाली संपत्ति पर चल रहे केस में मिलने वाली अंतरिम जमानत की तारीख़ को 19 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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