Homeदेश-समाजUP: सिपाहियों की हत्या कर हिरासत से भागने वाला शकील ढेर

UP: सिपाहियों की हत्या कर हिरासत से भागने वाला शकील ढेर

बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश की। एसपी यमुना प्रसाद की टीम ने लगातार फायरिंग के बावजूद शकील को ढेर कर दिया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ।

उत्तर प्रदेश के संभल में दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार होने वाले 3 बदमाशों में से पुलिस ने रविवार (अगस्त 12, 2019) को दूसरे बदमाश शकील को भी ढेर कर दिया। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने शकील को पकड़ने के लिए उसपर ढाई लाख रुपए का इनाम रखा हुआ था। इससे पहले पुलिस ने इन तीन बदमाशों में से एक कमल को एनकाउंटर में मार गिराया था। जबकि शकील और धर्मपाल फरार चल रहे थे।

मीडिया रिपोर्टों की मानें तो पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश रजपुरा के गाँव मौलनपुर में छिपकर कुछ बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस को पता चला कि इन बदमाशों में इनामी बदमाश शकील भी है, जिसके बाद पुलिस पूरी तैयारी करके उन्हें पकड़ने वहाँ पहुँच गई। सम्भल पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और पूरा जंगल घेर लिया।

17 जलुाई को सिपाहियों को मारने वाले तीनों बदमाश।

पुलिस की आहट सुनते ही बदमाश सतर्क हो गए। उन्होंने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और फरार होने की कोशिश की। लेकिन एसपी यमुना प्रसाद की टीम ने लगातार फायरिंग के बावजूद शकील को ढेर कर दिया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ।

गौरतलब है पिछले महीने 17 जुलाई को संभल में जब पुलिस की गाड़ी कुछ बदमाशों को ले जा रही थी तब वैन पर हमला किया गया था। इस दौरान बदमाशों ने पुलिसकर्मियों की हत्या कर अपने सभी साथियों को छुड़ा लिया था। इसके बाद से ही पुलिस इन तीनों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने कमल को 20 जुलाई को मार गिराया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -