Saturday, November 28, 2020
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बुलंदशहर की चुनावी रैली में भिड़े भीम-AIMIM: दिलशाद पर हाजी यामीन समर्थकों का जानलेवा हमला

बुलंदशहर पुलिस ने इस पर बयान जारी करते हुए कहा है कि आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी और चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर फायरिंग और हमले की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन AIMIM प्रत्याशी दिलशाद और आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी हाजी यामीन के कार्यकर्ताओं के बीच बुलंदशहर में आपस में गाली-गलौज की सूचना उन्हें मिली थी।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले की खबर के साथ ही बुलन्दशहर उपचुनाव में AIMIM के सदर विधानसभा प्रत्याशी दिलशाद अहमद पर भी जानलेवा हमले की खबर सामने आई हैं।

जहाँ एक ओर भीम आर्मी के काफिले पर हमले की जानकारी भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपने ट्विटर अकाउंट पर दी है तो वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, AIMIM प्रत्याशी दिलशाद अहमद ने आज़ाद समाज पार्टी के प्रत्याशी हाजी यामीन के समर्थकों पर उन पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। हालाँकि बुलंदशहर पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद के इस दावे को झूठ बताया है कि आजाद समाज पार्टी के काफिले पर फायरिंग की गई।

गौरतलब है कि भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने रविवार (अक्टूबर 25, 2020) को बुलंदशहर में अपने उम्मीदवार हाजी यामीन के समर्थन में एक रैली को संबोधित करके आगामी उत्तर प्रदेश उपचुनावों के लिए अपना अभियान शुरू किया।

चंद्रशेखर आजाद का दावा है कि रविवार शाम बुलंदशहर में उनकी पार्टी के काफिले पर गोलियाँ चलाई गईं। आजाद ने ट्वीट में लिखा, “बुलंदशहर चुनावों में विपक्षी दलों ने हमारे उम्मीदवार को भयभीत किया और आज की रैली ने उन्हें चिंतित कर दिया, जिसके कारण मेरे काफिले को निकाल दिया गया। ये चाहते है कि माहौल खराब हो लेकिन हम ऐसा नही होने देंगे।”

बुलंदशहर पुलिस ने इस पर बयान जारी करते हुए कहा है कि आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी और चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर फायरिंग और हमले की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन AIMIM प्रत्याशी दिलशाद और आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी हाजी यामीन के कार्यकर्ताओं के बीच बुलंदशहर में आपस में गाली-गलौज की सूचना उन्हें मिली थी। पुलिस ने कहा कि पुलिस के मौके पर पहुँचने पर बात संभाल ली गई थी और दोनों पक्ष वहाँ से हट गई थी।

उल्लेखनीय है कि यह उपचुनाव सात सीटों के लिए 3 नवंबर को होने वाले हैं। चंद्रशेखर ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि उनकी पार्टी आजाद समाज पार्टी के नाम के साथ राजनीति में उतरेगी, जबकि भीम आर्मी संगठन के रूप में काम करना जारी रखेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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