Homeराजनीतिबुलंदशहर की चुनावी रैली में भिड़े भीम-AIMIM: दिलशाद पर हाजी यामीन समर्थकों का जानलेवा...

बुलंदशहर की चुनावी रैली में भिड़े भीम-AIMIM: दिलशाद पर हाजी यामीन समर्थकों का जानलेवा हमला

बुलंदशहर पुलिस ने इस पर बयान जारी करते हुए कहा है कि आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी और चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर फायरिंग और हमले की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन AIMIM प्रत्याशी दिलशाद और आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी हाजी यामीन के कार्यकर्ताओं के बीच बुलंदशहर में आपस में गाली-गलौज की सूचना उन्हें मिली थी।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले की खबर के साथ ही बुलन्दशहर उपचुनाव में AIMIM के सदर विधानसभा प्रत्याशी दिलशाद अहमद पर भी जानलेवा हमले की खबर सामने आई हैं।

जहाँ एक ओर भीम आर्मी के काफिले पर हमले की जानकारी भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपने ट्विटर अकाउंट पर दी है तो वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, AIMIM प्रत्याशी दिलशाद अहमद ने आज़ाद समाज पार्टी के प्रत्याशी हाजी यामीन के समर्थकों पर उन पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। हालाँकि बुलंदशहर पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद के इस दावे को झूठ बताया है कि आजाद समाज पार्टी के काफिले पर फायरिंग की गई।

गौरतलब है कि भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने रविवार (अक्टूबर 25, 2020) को बुलंदशहर में अपने उम्मीदवार हाजी यामीन के समर्थन में एक रैली को संबोधित करके आगामी उत्तर प्रदेश उपचुनावों के लिए अपना अभियान शुरू किया।

चंद्रशेखर आजाद का दावा है कि रविवार शाम बुलंदशहर में उनकी पार्टी के काफिले पर गोलियाँ चलाई गईं। आजाद ने ट्वीट में लिखा, “बुलंदशहर चुनावों में विपक्षी दलों ने हमारे उम्मीदवार को भयभीत किया और आज की रैली ने उन्हें चिंतित कर दिया, जिसके कारण मेरे काफिले को निकाल दिया गया। ये चाहते है कि माहौल खराब हो लेकिन हम ऐसा नही होने देंगे।”

बुलंदशहर पुलिस ने इस पर बयान जारी करते हुए कहा है कि आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी और चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर फायरिंग और हमले की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन AIMIM प्रत्याशी दिलशाद और आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी हाजी यामीन के कार्यकर्ताओं के बीच बुलंदशहर में आपस में गाली-गलौज की सूचना उन्हें मिली थी। पुलिस ने कहा कि पुलिस के मौके पर पहुँचने पर बात संभाल ली गई थी और दोनों पक्ष वहाँ से हट गई थी।

उल्लेखनीय है कि यह उपचुनाव सात सीटों के लिए 3 नवंबर को होने वाले हैं। चंद्रशेखर ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि उनकी पार्टी आजाद समाज पार्टी के नाम के साथ राजनीति में उतरेगी, जबकि भीम आर्मी संगठन के रूप में काम करना जारी रखेगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -