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सेब ले जाने आए दो ट्रक ड्राइवरों की आतंकियों ने की नृशंस हत्या: प्रतिबन्ध हटते ही कश्मीर में जिहाद जारी

तीन दिनों के अंदर कश्मीर में हत्या की तीसरी घटना है। इस्लामी आतंकवादियों ने इसके पहले एक फल बागान से ट्रक लेकर जा रहे राजस्थान के आदमी और एक मजदूर की भी हत्या की थी। इसके अलावा शोपियाँ में ही पिछले हफ्ते जिहादियों ने एक.....

जम्मू कश्मीर में संचार माध्यमों की बहाली के बाद से जारी दहशत और खूँरेजी का दौर बदस्तूर जारी है। जिहादी आतंकियों ने कश्मीर के शोपियाँ इलाके में कश्मीर से सेबों का ट्रांसपोर्टेशन करने आए दो ट्रक ड्राइवरों की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी है। यही नहीं, उनके ट्रकों को भी आग के हवाले कर दिया गया है। एक तीसरा ड्राइवर भी उसी हमले में घायल हो गया है।

यह ताज़ा हमला तीन दिनों के अंदर कश्मीर में हत्या की तीसरी घटना है। इस्लामी आतंकवादियों ने इसके पहले एक फल बागान से ट्रक लेकर जा रहे राजस्थान के आदमी और एक मजदूर की भी हत्या की थी। इसके अलावा शोपियाँ में ही पिछले हफ्ते जिहादियों ने एक सेब विक्रेता की भी गोली मारकर जान ले ली थी

जम्मू कश्मीर पुलिस का कहना है कि ये हत्याएँ जिहादियों की हताशा से उपजीं हैं। वे कश्मीर घाटी में फलों के ट्रांसपोर्टेशन के ज़ोर पकड़ने से बौखला गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, “यह (दो ट्रक ड्राइवरों की हत्या का मामला) एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। वे ट्रक ड्राइवर इलाके के अंदरूनी हिस्से में बिना सुरक्षा बलों को सूचना किए चले गए थे।” पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि मारे गए ड्राइवरों की लाशें पुलिस ने बरामद कर लीं हैं, और एक अन्य घायल को इलाज के लिए श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। पुलिस टीमें आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए कोशिशों में लगा दी गईं हैं

मारे गए ड्राइवरों में से एक की पहचान राजस्थान के अलवर निवासी मोहम्मद इलियास के रूप में हुई है। दूसरे मृत ड्राइवर की पहचान पता करने की कोशिश हो रही है। इसके अलावा घायल ड्राइवर की शिनाख्त पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले जीवन के रूप में हुई है।

पुलिस के सूत्रों के अनुसार जिहादी जम्मू कश्मीर में राज्य के बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को निशाना इसलिए बना रहे हैं ताकि उनमें डर बिठाया जा सके। इससे वे राज्य की व्यापर व्यवस्था को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं।

जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया था। साथ ही राज्य का पूर्ण राज्य का दर्जा खत्म कर उसे विधानसभा युक्त केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। लेकिन उससे लद्दाख को अलग कर दशकों पुरानी माँग के मुताबिक उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। उसके बाद इसी तरह के जान माल के नुकसान से बचने के लिए सरकार ने मोबाइल व्यवस्था बंद कर रखी थी जिसे हाल ही में पोस्टपेड उपभोक्ताओं के लिए चालू किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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