Homeदेश-समाजPak पीएम इमरान को बताया शांति का मसीहा, सस्पेंड हुए मास्टर साब

Pak पीएम इमरान को बताया शांति का मसीहा, सस्पेंड हुए मास्टर साब

भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच एक शिक्षक ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को शांति का मसीहा बता दिया। मास्टर साब सोचे होंगे कि वाहवाही मिलेगी, लेकिन मिला सस्पेंशन लेटर।

भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच एक शिक्षक ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को शांति का मसीहा बता दिया। मास्टर साब सोचे होंगे कि वाहवाही मिलेगी, लेकिन मिला सस्पेंशन लेटर। इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियों का सिलसिला जारी है और ऐसे ही मामले में ये शिक्षक भी लपेटे में आ गए।

दरअसल ये मामला उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर का है। यहाँ के एक शिक्षक ने पाकिस्तान की तरफ से भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करने के बाद किसी व्हाट्सऐप ग्रुप में इमरान खान को शांति का मसीहा बताते हुए उन्हें सलाम किया। इस मैसेज को लेकर जब किसी ने शिकायत की तो मास्टर साब को संबंधित जाँच के बाद तत्काल सस्पेंड कर दिया गया।

बता दें कि प्राथमिक विद्यालय इसौंली के सहायक शिक्षक अमरेंद्र कुमार आजाद ने यूपीपीएसएस लम्भुआ नाम से बने व्हाट्सऐप ग्रुप में एक पोस्ट डाली थी। इसमें उन्होंने इमरान खान को शांति का मसीहा तो बताया ही और साथ ही देशभक्ति के विरोध में और भी कई सारे पोस्ट डाले थे।

इस मामले के सामने आने के बाद खंड अधिकारी बल्दीराय ने जाँच करते हुए शिक्षक अमरेंद्र से उनके पोस्ट के लिए स्पष्टीकरण मांगा और जब वो अमरेंद्र की स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुए तो उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही मामले पर आगे की जाँच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को फाइल बढ़ा दी गई है। उन्हें ये रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर देनी होगी और फिर आगे की कार्रवाई जाँच रिपोर्ट के सामने आने के बाद की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -