HomeराजनीतिUP: मनरेगा का वार्षिक लक्ष्य महज 6 माह में किया पूरा, 26.1 करोड़ कार्य...

UP: मनरेगा का वार्षिक लक्ष्य महज 6 माह में किया पूरा, 26.1 करोड़ कार्य दिवस बनाने का रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश ने मनरेगा के तहत 26 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले महज 6 महीने में 26.1 करोड़ कार्य दिवस बनाने का रिकॉर्ड बनाया है।

योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने अपने नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया है। यह रिकॉर्ड महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के तहत 26.1 करोड़ मानव दिवस सृजन करने का है। इस योजना के तहत सालाना टारगेट 26 करोड़ का होता है। मगर इस वर्ष 6 महीने में ही प्रदेश ने अपना टारगेट हासिल कर लिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा का वार्षिक लक्ष्य 6 महीने में पूर्ण किए जाने पर अपना संतोष व्यक्त करते हुए कल कहा कि कोरोना काल में ग्रामीण इलाकों में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मनरेगा के कार्यों को प्राथमिकता से संचालित कराया।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा के माध्यम से 26 करोड़ मानव दिवस सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालाँकि, इस लक्ष्य की 6 महीने में ही पूर्ति होते ही राज्य में अब तक मनरेगा के तहत 26.14 करोड़ मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में राज्य ने यह आँकड़ा इतनी जल्दी नहीं पार किया था। डेटा बताता है कि इस स्कीम के तहत लोगों का पंजीकरण हर बार 1.03 करोड़ तक स्थिर होता था जिससे लगभग 5 करोड़ तक मानव दिवस निर्मित हो पाते। बावजूद इसके ग्रामीण विकास विभाग ने साल 2015-16 में 52.11%, 2016-17 में 48.11%, 2017-18 में 46.81%, 2018-2019 में 49.60% और 2019-2020 में 43.69% का लक्ष्य पूरा किया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह आइडिया इसलिए था ताकि इसमें उन लोगों को शामिल किया जा सके जो सामाजिक आर्थिक सूचकांक में कम हैं। यह केंद्र द्वारा चिह्नित किए गए स्थायी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किया जा रहा है। यह पहली बार है कि राज्य ने केवल आधी अवधि में योजना का वार्षिक लक्ष्य प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने एक बयान में कहा कि महामारी के चरम के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में वापस आने वाले प्रवासियों को रोजगार प्रदान करने में यह योजना काफी मददगार साबित हुई। वहीं एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार योगी आदित्यनाथ सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के एक महीने बाद 21 अप्रैल से प्रवासियों को नौकरी देना शुरू कर दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -