Wednesday, July 6, 2022
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‘आर्थिक सुस्ती’ के खिलाफ प्रदर्शन में खुद कॉन्ग्रेस हुई सुस्त: राहुल की ‘विदेशी छुट्टियों’ के कारण दिसंबर तक टला

सितम्बर में कॉन्ग्रेस ने घोषणा की थी कि वह 15 से 25 अक्टूबर के बीच देश भर में विरोध प्रदर्शन करेगी। उस समय भी एक महीने पहले घोषणा कर दी गई थी। लेकिन दिलचस्प यह रहा कि बिना विरोध प्रदर्शन की मेहनत किए कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी......

भारत की सबसे पुरानी पार्टी कॉन्ग्रेस ने आज घोषणा की है कि वह 1 दिसंबर को सर्वदलीय विरोध रैली नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘आर्थिक सुस्ती और कृषि संकट’ के मुद्दे पर करेगी। यह सितंबर से अब तक कॉन्ग्रेस द्वारा घोषित तीसरी ऐसी रैली है।

सितम्बर में कॉन्ग्रेस ने घोषणा की थी कि वह 15 से 25 अक्टूबर के बीच देश भर में विरोध प्रदर्शन करेगी। उस समय भी एक महीने पहले घोषणा कर दी गई थी। लेकिन दिलचस्प यह रहा कि बिना विरोध प्रदर्शन की मेहनत किए कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी अज्ञात विदेशी स्थान पर छुट्टी मनाने विरोध प्रदर्शनों की तारिख बीत जाने के बाद निकल गए।

इसके बाद अक्टूबर में विरोध प्रदर्शनों की नियत तिथि के अंतिम दिन, 25 अक्टूबर, 2019 के बीतने के पहले कॉन्ग्रेस ने विरोध प्रदर्शन की नई तिथि बता दी ‘आर्थिक सुस्ती’ के खिलाफ।

22 अक्टूबर को कॉन्ग्रेस ने कहा कि वे विरोध प्रदर्शन देश भर में नवंबर के पहले हफ्ते से करेंगे। कॉन्ग्रेस ने कहा 5 से 15 नवंबर तक पार्टी देश भर में विरोध प्रदर्शन और दिल्ली में एक रैली करेगी। इन प्रदर्शनों का विषय भी ‘बढ़ती बेरोजगारी’, ‘डूबती अर्थव्यवस्था’ और ‘कृषि संकट’ था।

5 नवंबर बीत जाने के बाद कॉन्ग्रेस नींद से उठी और यह ध्यान आया कि उन्होंने एक और अंतिम तिथि में चूक कर दी। तो 6 नवंबर को (आज) फिर से विरोध प्रदर्शन की नई तारीख की घोषणा कर दी- इस बार अन्य दलों के साथ।

इसके बाद ट्विटर पर यूज़रों ने मौका नहीं गँवाया कॉन्ग्रेस को उसके पूर्व अध्यक्ष से भी बड़ा मज़ाक बताने में। एक ने लिखा कि जल्दी क्या है, अभी तो नया साल पड़ा हुआ है।

कॉन्ग्रेस को सबसे आलसी विपक्ष का भी तमगा मिल गया।

किसी ने सलाह दी, “तुमसे न हो पाएगा!”

कुछ लोगों ने सीधे-सीधे पिछले विरोध प्रदर्शनों का क्या हुआ, यह भी पूछना शुरू कर दिया।

किसी को यह घर में सगाई के फंक्शन को आगे टालने जैसा लगने लगा।

और तो और, कॉन्ग्रेस के इतने बुरे दिन आ गए कि आम आदमी पार्टी के ट्रोल भी उन्हें ट्रोल करने लगे।

2 दिसंबर को क्या होगा? देखते जाइए, कॉन्ग्रेस विरोध प्रदर्शन को 2020 की न्यू ईयर पार्टी बना कर छोड़ेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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