केजरीवाल पर हमलावर हुए कट्टरपंथी, दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए ठहराया था तबलीगी जमात को जिम्मेदार

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कोरोना के लिए तबलीगी जमात को ठहराया जिम्मेदार तो हमलावर हुए इस्लामी कट्टरपंथ

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रविवार (अप्रैल 19, 2020) को मीडिया को संबोधित करते हुए यह कहना भारी पड़ गया कि निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के मजहबी आयोजन की वजह से, खासकर उनमें शामिल विदेशी नागरिकों के कारण आज दिल्ली इन विकट परिस्थितियों से जूझ रहा है। उनके इस बयान के बाद से वे कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गए।

उनके बयान के तुरंत बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने ट्विटर पर उन पर हमला बोल दिया, क्योंकि वो निजामुद्दीन में तबलीगी जमातियों के गैर जिम्मेदाराना रवैया के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराने से खुश नहीं थे।

सिर्फ सच्चाई को बताने के लिए उनके ऊपर इस्लामोफ़ोबिया तक का भी आरोप लगाया गया।

दिल्ली सीएम को गाली देने में कॉन्ग्रेस समर्थकों ने भी अपना योगदान दिया।

दिल्ली में निजामुद्दीन के तबलीगी जमात से जुड़े कोरोना के मामले

17 अप्रैल 2020 तक, दिल्ली में कुल 1707 कोरोना पॉजिटिव मामलों में से 1080 मामले ‘स्पेशल ऑपरेशन्स’ से जुड़े हुए थे। बता दें कि दिल्ली सरकार ने तबलीगी जमात घटना से जुड़े मामलों को ‘स्पेशल ऑपरेशन्स’ नाम दिया है।

इसका मतलब है कि दिल्ली में कुल कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों में से 63.27% तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं। इन आँकड़ों को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि दिल्ली ने निजामुद्दीन मरकज में आयोजित मजहबी सभा के लिए एक बड़ी कीमत चुकाई है।

तबलीगी जमात

तब्लीगी जमात का आयोजन मार्च के दूसरे सप्ताह में हुआ था, जिसमें भारत और देश के अन्य हिस्सों के साथ ही विदेशों से आए लोग शामिल हुए थे। यह भारत में कोरोना वायरस का मेगा-स्प्रेडर बन गया है, क्योंकि भारत में एक-तिहाई से अधिक मामले अब उस घटना से जुड़े हैं। जो लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे, वो और उनके परिवार के सदस्य एवं उनके संपर्क में आए लोगोंं का परीक्षण किया जा रहा है। इसमें से अधिकतर लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इस कारण देश में कोरोना वायरस के मामलों में बड़ी तेजी से वृद्धि हुई है।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया