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भारत में इस्लामवादियों का नया ट्रेंड: #Quds_हमारा_है अर्थात येरुशलम केवल मुसलमानों का, ‘जहरीले ट्वीट्स’ की आई बाढ़

मोहम्मद जाहिद ने आप नेता अमानतुल्ला खान को कोट करते हुए लिखा, "हम मस्जिद ए अक्सा की ओर उठने वाले हर नापाक हाथ को काट डालेंगे, ये याद रखना मस्जिद ए अक्सा कोई इमारत नहीं है, यह हमारे दिल की धड़कन है। जब तक ये है तो हम हैं, अगर ये नहीं तो हम भी नहीं।"

एक तरफ जहाँ इजरायल आतंकवादी समूह हमास द्वारा किए जा रहे बेवजह के हमलों के खिलाफ अपनी भूमि और लोगों की रक्षा कर रहा है, भारत में इस्लामवादियों का एक वर्ग है जो ‘Quds’ को ‘अपनी’ साइट के रूप में घोषित करने वाले भड़काऊ मैसेज पोस्ट कर रहे हैं। बता दें कि ‘Quds’ येरुशलम का अरबी नाम है, जो यहूदियों, ईसाइयों और मुसलमानों का पवित्र स्थल है।

भारतीय मुस्लिम और इस्लामवादी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर Quds_हमारा_है  हैशटैग ट्रेंड करा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि कई इस्लामवादी राजनीतिक दल भी इस ट्रेंड का इस्तेमाल करके ब्राउनी पॉइंट लूटने करने के लिए कूद पड़े हैं। 

टीपू सुल्तान पार्टी ने ट्वीट किया, “अरब की सबसे बड़ी गलती यहूदियों को फिलिस्तीन में रहने की जगह देना थी।”

गौरतलब है कि येरुशलम फिलहाल इजरायल में है और फिलिस्तीन ने भी इस पर अपना दावा किया है।

एक मोहम्मद जाहिद ने आप नेता अमानतुल्ला खान को कोट करते हुए लिखा, “हम मस्जिद ए अक्सा की ओर उठने वाले हर नापाक हाथ को काट डालेंगे, ये याद रखना मस्जिद ए अक्सा कोई इमारत नहीं है, यह हमारे दिल की धड़कन है। जब तक ये है तो हम हैं, अगर ये नहीं तो हम भी नहीं।”

बता दें कि आम आदमी पार्टी के नेता के जिस ट्वीट को जाहिद ने कोट किया था, उसमें उन्होंने लिखा था, “हम फ़िलिस्तीन पर हो रहे ज़ुल्म के ख़िलाफ़ हैं। जिस तरह इजरायल फ़िलिस्तीन के लोगों पर बम बरसा कर मासूम जिंदगियों को तबाह कर रहा है। यह नाकाबिले बर्दाश्त है। ये इस्लाम विरोधी ताकतें एक दिन नेस्तानाबूद होंगी। हिंदुस्तान इस मुश्किल घड़ी में फ़िलिस्तीन के साथ है।”

Quds यरुशलम का अरबी नाम है, अल अक्सा मस्जिद को अल कुद्स (Al Quds) के नाम से भी जाना जाता है। मस्जिद यहूदियों और ईसाइयों के पवित्र स्थलों के बहुत करीब स्थित है। ऐतिहासिक महत्व वाली साइट अक्सर इज़राइल फिलिस्तीन संघर्ष में फ्लैशपॉइंट रही है।

एक अन्य यूजर ने मालेगांव के एआईएमआईएम विधायक मुफ्ती इस्माइल कासमी को उद्धृत किया और हैशटैग का इस्तेमाल किया। कासमी ने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने यूएनओ (जिसे अब यूएन के रूप में जाना जाता है) से दारुल उलूम देवबंद की माँग पर इजरायल को आतंकवादी राज्य घोषित करने का आग्रह किया था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे हजारों ट्वीट्स घूम रहे हैं।

कुछ तो भारत में यहूदियों को धमकाते हुए भी दिखाई दिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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