इस वीडियो को देखने के बाद सवाल उठने लगे कि ये व्यक्ति किस तरह की तालीम दे रहा है। लोग पूछने लगे कि क्या इस्लाम का सच यही है कि उनके लिए रेप गुनाह नहीं है।
"The biggest crime according to Islam is Idol worshipping, We can forgive rape but not idol worship"
— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) April 19, 2025
This guy is absolutely right?
According to Islam, Allah is the only God and worshipping other God, especially idols, is the gravest sin and it's called Shirk
There are two… pic.twitter.com/v9JU9FJWv3
हमने इस मुस्लिम व्यक्ति की ओरिजनल वीडियो खोजी तो पता चला कि वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति का नाम एहसान है, और उसका दावा है कि वह ‘हाफिज’ रह चुका है। ‘द राष्ट्रनीति’ के पत्रकार सुमित तिवारी इनसे वक्फ पर राय लेने गए थे। जहाँ बातों-बातों में इन्होंने इस्लाम की आलोचना करते हुए ये टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस्लामी तालीम के साथ बाकी पढ़ाई भी जरूरी है ताकि सही-गलत पता चले।
वीडियो में 9:00 मिनट से 9:50 तक में सुन सकते हैं कि मुस्लिम व्यक्ति बताता है कि इस्लाम की नजर में एक तरफ अगर रेप हो रहा हो और एक तरफ मूर्ति पूजा हो रही हो तो इस्लाम मूर्ति पूजा को ज्यादा गलत मानता है। आगे मुस्लिम व्यक्ति इसका कारण बताते हुए कहता है कि ऐसा इसलिए होता है कि अल्लाह ने कहा है- “अगर एक तरफ शख्स ने कोई भी गुनाह किया हो और वो माफी माँग ले तो मैं माफ कर दूँगा, लेकिन अगर शिर्क किया हो, जैसे दूसरे को खुदा मानता हो, तो वो ज्यादा बड़ा गुनाह है।”
इस वीडियो में ‘हाफिज’ ने कई और मुद्दों पर भी बात की है। उन्होंने जगह-जगह पर इस्लाम की आलोचना की है। उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा सिखाया गया कि जितने बच्चे हो जाएँ ठीक, लेकिन जब उनके 8 से 6 बच्चे हुए और उन्होंने अपनी बीवी की हालत देखी तो उन्हें पता चला कि बच्चे करने से कुछ नहीं होता, उन्हें पालने की भी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने वक्फ बोर्ड को लेकर भी कहा कि उन्हें आज तक इससे कोई फायदा नहीं हुआ।
रही बात गुनाह वाले बयान की तो गौरतलब हो कि कुछ दिन पहले ऐसा ही सवाल दारुल उलूम के डायरेक्टर व इस्लामी स्कॉलर डॉक्टर मुफ्ती यासिर नदीम अल वजीदी से भी किया गया था। पूछा गया था कि मूर्ति पूजा ज्यादा बड़ा गुनाह या रेप। इस पर उस मुफ्ती ने बिन दो मिनट भी सोचे ये कहा था कि बलात्कार से बड़ा गुनाह मूर्ति पूजा है। इंसानी नजरिए से रेप बड़ा गुनाह लग सकता है, लेकिन हकीकत में मूर्ति पूजा गुनाह है।


