Saturday, October 1, 2022
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ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान रवि दहिया ने भगवान शिव का किया जलाभिषेक, अंदाज देख लोगों ने बताया- असली बाहुबली

सोशल मीडिया यूजर पवन पांडे तो रवि दहिया की इन तस्वीरों को देखने के बाद उस लिबरल जमात पर तंज कसते हैं, जिन्हें हिंदू रीति-रिवाजों से हमेशा दिक्कत होती है। वह लिखते हैं, “अरे ये तो सेकुलरिज्म नहीं है। घी दूध खराब कर दिया भूखे बच्चों को दे देते।”

टोक्यो ओलंपिक 2020 में शानदार प्रदर्शन के साथ देश को ‘सिल्वर’ मेडल दिलाने वाले पहलवान रवि दहिया की हाल में कुछ तस्वीर सामने आई हैं। इन तस्वीरों में रवि दहिया अपने घर पहुँचने के बाद शिव मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते नजर आ रहे हैं।

राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर ने रवि दहिया की तस्वीरों को शेयर करते हुए बताया कि पहलवान के घर में ओलंपिक पदक जीतने की मनोकामना माँगी गई थी। उन्होंने लिखा, “ओलंपिक पदक जीतने की मनोकामना के साथ पहलवान रवि दहिया के घर में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित थी। संकल्प पूरा हुआ, मनोकामना पूरी हुई, और फिर महादेव का जलाभिषेक! धर्मो रक्षति रक्षितः।”

अब रवि दहिया की यही तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है। लोग उनके अंदाज को देखकर उन्हें वास्तविक जीवन का बाहुबली बता रहे हैं। कांति गला नामक यूजर लिखते हैं, “2014 के बाद पहली बार हमारे आइकन्स, सेलेब्रिटी, स्पोर्ट्समैन खुलकर अपने हिंदू कल्चर को दिखाने में शर्म या डर महसूस नहीं कर रहे। आशा है कि हमारे फिल्म स्टार हमारे खिलाड़ियों से सबक लेंगे और फर्जी सेकुलरिज्म से निकलने के बाद धर्म को फॉलो करना शुरू करेंगे।”

सोशल मीडिया यूजर पवन पांडे तो रवि दहिया की इन तस्वीरों को देखने के बाद उस लिबरल जमात पर तंज कसते हैं, जिन्हें हिंदू रीति-रिवाजों से हमेशा दिक्कत होती है। वह लिखते हैं, “अरे ये तो सेकुलरिज्म नहीं है। घी दूध खराब कर दिया भूखे बच्चों को दे देते।”

उल्लेखनीय है कि ये पहली दफा नहीं है जब कुश्ती पहलवान रवि दहिया ने शिव भगवान के प्रति अपनी आस्था का प्रदर्शन किया हो। इससे पहले भी वो उत्तराखंड के तुंगानाथ में स्थित सबसे ऊँचे शिव मंदिर में दीपक पुनिया समेत कई लोगों के साथ ट्रेकिंग करने गए थे।

‘मोटिवेटर’ विक्रांत महाजन से की मुलाकात

बता दें कि ओलंपिक में सिल्वर मेडल लाने के बाद रवि दहिया सोमवार (अगस्त 23, 2021) को अपने मोटिवेटर विक्रांत महाजन के पास गए थे। दहिया ने कहा, “एक खिलाड़ी के जीवन में मेंटर की अहम भूमिका होती है और विक्रांत महाजन ने उनका सही मार्गदर्शन किया है और आज इसका नतीजा सभी के सामने है।”

जानकारी के मुताबिक दहिया की महाजन से कुछ वर्ष पहले मुलाकात हुई थी, उस समय महाजन ने टोक्यो खेलों के लिए भारतीय एथलीटों को प्रेरित करने के लिए ‘गोएथलीट’ प्रोग्राम नामक एक अभियान शुरू किया था।

दहिया ने अपने गुरु की प्रशंसा करते हुए कहा, “शुरुआत में मेरा लक्ष्य सिर्फ ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना था, लेकिन विक्रांत ने मुझे पदक के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया और मुझे इसके लिए पूरे दिल से प्रतिबद्ध होने के लिए कहा।”

पहलवान रवि दहिया कहते हैं कि उनके पास अगले दस साल का विजन तैयार और अभी बस शुरुआत हुई है। एएनआई से बात करते हुए दहिया ने कहा, “कोच और मोटिवेटर दो अलग-अलग व्यक्ति हैं और इनकी भूमिका भी अलग है। हम स्पोर्ट्स मोटिवेटर की मदद से बेहतर परिणामों को प्राप्त कर सकते हैं।”

मालूम हो कि टोक्यो ओलंपिक 2020 में पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में रजत पदक विजेता रवि दहिया को हाल में कई जगहों पर सम्मानित किया गया था। उनके स्वागत में उनके गाँव में यूपी सरकार द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया था। इसी तरह उनके सम्मान में दिल्ली सरकार ने उनके स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने का फैसला किया था। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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