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रेडियो मिर्ची RJ फहाद ने साधुओं की हत्या को दिया साम्प्रदायिक रंग, कहा- मुस्लिमों की लिंचिंग मुख्य कारण

खुद को "नेहरूवादी" मानने वाले, आरजे फहाद ने दोहराया की भीड़ को उकसाकर साधुओं को पीटा जाना और पुलिस का मूक खड़े हो तमाशा देखना। सिर्फ़ मुस्लिमो की लिंचिंग की वजह से ये हुआ है।

महाराष्ट्र के पालघर मे हुई साधुओं की हत्या ने सभी का दिल दहला दिया हैं। जहाँ एक तरफ लोग इस पर सख्त क़ानूनी कार्यवाही चाहते है। वहीं कुछ लोग इसे सांप्रदायिकता का रंग देने मे चूक नही रहे। रेडियो मिर्ची आरजे फहाद जो रेडियो मिर्ची यूएई पर ‘पुरानी जीन्स’ होस्ट करते हैं, उन्होंने महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की लिंचिंग को सांप्रदायिक रंग देने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।

आरजे फहाद ने आरोप लगाया कि पहले अगर मुस्लिमों की लिंचिंग पर निंदा होती, तो 16 अप्रैल की रात हो सकता है पालघर में साधुओं की भीड़ द्वारा लिंचिंग नहीं की जाती। खुद को “नेहरूवादी” मानने वाले, आरजे फहाद ने दोहराया की भीड़ को उकसाकर साधुओं को पीटा जाना और पुलिस का मूक खड़े हो तमाशा देखना। सिर्फ़ मुस्लिमो की लिंचिंग की वजह से ये हुआ है।

विडंबना यह है कि बर्बर घटना को सांप्रदायिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस घटना का कोई सांप्रदायिक रुप नहीं था। क्योंकि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने दावा किया कि पीड़ित और अपराधी दोनों एक ही धर्म के थे।

रेडियो मिर्ची के आरजे और उनकी इस्लामिक विचारधारा

रेडियो मिर्ची आरजे फहाद इस्लामवादी विचारधारा को प्रदर्शित करने वाले एकमात्र व्यक्ति नहीं हैं। उनकी सहयोगी, आरजे सायमा ने भी कोरोनोवायरस प्रकोप के बीच तब्लीगी जमात के सदस्यों के खिलाफ दुर्व्यवहार के आरोपों का बचाव किया है। उन्होंने नर्सों के साथ छेड़छाड़ और डॉक्टरों पर हुई पत्थरबाजी को ‘फेक न्यूज़’ कहकर इन आरोपों को पहले ही सिरे से खारिज कर दिया था। इससे पहले, सायमा ने कैब विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर भीड़ जुटाने के लिए लोगों को उकसाया था। उसने दिल्ली में एंटी-सीएए हिंसा को भी सही ठहराया था। क्योंकि उस वक़्त सभी मुस्लिम चुप थे जब अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जब जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाया गया।

एक और पूर्व रेडियो मिर्ची वीपी आकाश बनर्जी फर्जी वीडियो फैलाते हुए पकड़ा गया था

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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