Sunday, November 29, 2020
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मदद की अपील अक्टूबर में, नाम लिख लिया था सितम्बर में: लोगों ने पूछा- सोनू सूद अंतर्यामी हैं क्या?

एक्सेल शीट के शीर्षक में 'सोनू सूद' लिखा भी प्रतीत हो रहा है, जिसे ब्लर कर दिया गया था। इसमें सितम्बर 25, 2020 की तारीख दर्ज है, जबकि ट्वीट लगभग एक महीने बाद का है।

ट्विटर के माध्यम से लोगों की मदद करने की ख़बरों के कारण लॉकडाउन में अभिनेता सोनू सूद की खूब चर्चा हुई थी। दावा किया गया था कि उन्होंने कई मजदूरों को घर पहुँचाया। हालाँकि, अब मदद को लेकर किए गए कुछ ट्वीट्स में हुई गड़बड़ियों के कारण वो फिर से विवादों का विषय बन रहे हैं। सोनू सूद से मदद माँगने वाले ट्विटर अकाउंट या तो गायब हो चुके हैं, या फिर उनमें झोल नजर आ रहा है, जिन्हें लेकर अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

ट्विटर हैंडल ‘@SnehalMisal8 ने अक्टूबर 20 को ट्वीट कर के अपने बेटे की ओपन हार्ट सर्जरी के लिए सोनू सूद से मदद की गुहार लगाई थी। उक्त ट्विटर यूजर ने बताया कि उसके बेटे का शरीर 100% ऑक्सीजन लेवल पर नहीं जा पाता है और 30% तक गिर जाता है।

इस ट्वीट के 5 दिन बाद अभिनेता सोनू सूद ने रिप्लाई करते हुए लिखा कि कल आपके बेटे को मुंबई के SRCC अस्पताल में एडमिट कराया जाएगा और इसी सप्ताह सर्जरी के लिए समय भी तय कर दिया जाएगा। लेकिन, ट्विटर पर कुछ लोगों ने इस ट्वीट को पीआर स्टंट करार दिया।

बिना टैग किए सोनू सूद ने खोज लिटा ट्वीट

ऋषि बागरी नामक ट्विटर यूजर ने लिखा कि जिस हैंडल से ट्वीट किया गया, वो एक नया ट्विटर हैंडल है, जिसके मात्र 2-3 फॉलोवर्स हैं और एक ही ट्वीट है। उन्होंने कहा कि इस ट्वीट में सोनू सूद को टैग तक नहीं किया गया था और न ही लोकेशन का जिक्र है, साथ ही कॉन्टैक्ट या ईमेल के डिटेल्स भी नहीं साझा किए गए हैं। उन्होंने आश्चर्य जताया कि फिर भी अभिनेता ने इस ट्वीट को खोज लिया और मदद के लिए हाथ बढ़ा दिया।

उन्होंने दावा किया कि सोनू सूद से मदद माँगने वाले कई ट्विटर हैंडल्स ने अपनी उन ट्वीट्स को डिलीट कर लिया है, जो बताता है कि ये सब पीआर मशीनरी का काम है और महज पब्लिसिटी के लिए किया गया है। कई लोगों ने कहा कि राजनेताओं और बॉलीवुड की हस्तियों द्वारा समाज सेवा के नाम पर पब्लिसिटी करने का पुराना चलन रहा है और सोनू सूद इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। सोनू सूद ने ऋषि के ट्वीट को कोट कर सफाई भी दी।

उन्होंने लिखा कि सबसे अच्छी बात ये है कि ज़रूरतमंद लोग उन्हें खोज लेते हैं और वो भी किसी तरह ऐसे लोगों को ढूँढ लेते हैं। उन्होंने लिखा कि ये सब कुछ ‘इरादों’ से तय होता है, जो आपको समझ में नहीं आएगा। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, “मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। आप भी योगदान दें और कुछ फल उन्हें भेज दें। 2-3 फॉलोवर्स वाला कोई व्यक्ति खुश होगा।

इसके साथ ही, सोनू सूद ने मरीज के नाम और ऑपरेशन की तारीख व समय के साथ एक्सेल शीट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया।

इस एक्सेल शीट के शीर्षक में ही लिख दिया गया था कि ये उन लोगों की लिस्ट है, जिनकी हार्ट सर्जरी हुई या होनी है। साथ ही, एक्सेल शीट के शीर्षक में ‘सोनू सूद’ लिखा भी प्रतीत हो रहा है, जिसे ब्लर कर दिया गया था। इसमें सितम्बर 25, 2020 की तारीख दर्ज है, जबकि ट्वीट लगभग एक महीने बाद का है। लोगों ने इसका अर्थ लगाया कि स्वप्निल और सोनू सूद एक महीने पहले से संपर्क में थे, फिर ट्वीट इतने दिनों बाद क्यों किया गया?

सोनू द्वारा शेयर की गई शीट में सितम्बर की तारीख

‘प्लाकार्ड्स’ के लिए मशहूर मधुर ने लिखा कि सोनू सूद ने 1 महीने पहले ही एक्सेल शीट तैयार कर ली थी, क्या वो अंतर्यामी हैं? वहीं कुछ लोगों ने अभिनेता से पूछा कि क्या वो एक महीने पीछे चल रहे हैं? पिछली बार भी कुछ लोगों ने डिलीट हुए ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट्स शेयर कर दावा किया था कि सोनू सूद ने जिन-जिन की ट्विटर पर मदद का दावा किया, उनमें से अधिकतर के ट्वीट्स डिलीट किए जा चुके थे।

इससे पहले इन्हीं गायब अकाउंट्स का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कुछ लोगों ने ट्विटर पर सोनू सूद की दरियादिली को प्रोपेगेंडा करार दे दिया था। NationFirst#SAFFRON नामक ट्विटर हैंडल से सोनू सूद के कई ट्वीट के स्क्रीनशॉट शेयर हुए थे। साथ ही ट्वीट में लिखा गया था, “प्रोपेगेंडा चल रहा था सोशल मीडिया पर। सभी मदद माँगने वाले ट्वीट गायब हो गए है और यहाँ तक कि उनके ट्विटर अकाउंट भी गायब हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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