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मैं तो तंदूरी मुर्गी हूँ यार… महिला दिवस पर बॉलीवुड के गाने का Swiggy और boAt ने किया विरोध, लोगों ने कहा- बेहतरीन शुरुआत

दोनों कंपनियों ने आपस में कोलैब करके बॉलीवुड के एक गाने का विरोध किया है जिसमें महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने का प्रयास हो रहा है। गाना करीना कपूर का आइटम सॉन्ग- चिपका ले सैंया फेविकोल से है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च 2024) के मौके पर बड़े-बड़े संस्थान अपने ढंग से महिलाओं को इस दिन की शुभकामनाएँ देते हैं। इसी क्रम में Swiggy और boAt ने भी कुछ क्रिएटिव किया है। इन दोनों कंपनियों ने आपस में कोलैब करके बॉलीवुड के एक गाने का विरोध किया है जिसमें महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने का प्रयास हो रहा है।

गाना करीना कपूर का आइटम सॉन्ग- चिपका ले सैंया फेविकोल से है। इस गाने में एक जगह कहा जाता है- “मैं तो तंदूरी मुर्गी हूँ यार गटका ले सैंया एल्कोहॉल से…।” इसी गाने की लाइन बिलबोर्ड पर लिखकर स्विगी और बोट ने क्रिएटिव ढंग से बताया कि तंदूरी मुर्गी असल में दिखता कैसा है वो किसी लड़की के लिए नहीं कहा जाना चाहिए।

इस पोस्ट के साथ बोट और स्विगी दोनों ने अपना प्रचार तो किया ही लेकिन जो उन्होंने ये संदेश देना चाहा कि महिलाएँ कोई खाने की चीज नहीं हैं। उन्होंने लिखा- कुछ आइटम सिर्फ खाने के मेन्यू में अच्छे लगते हैं न कि प्लेलिस्ट में। इस पोस्ट को देखने के बाद वो नेटिजन्स जिन्हें ये पोस्ट समझ आ रहा है, वो स्विगी और बोट दोनों की तारीफ कर रहे हैं।

कुछ यूजर्स कह रहे हैं कि महिला दिवस पर इससे बेहतर शुरुआत नहीं हो सकती।

वहीं कुछ इसे एक छोटा कदम बता रहे हैं उस ट्रेंड के खिलाफ जो महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करना दिखाता है।

बता दें कि 8 मार्च को विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विश्व स्तर पर बनाया जाता है। इस दिन को मानने का उद्देश्य महिलाओं को समाज में समानता सुरक्षा और बराबरी दिलवाना है। इस दिन को ख़ास बनाने की शुरुआत आज से 115 बरस पहले यानी 1908 में तब हुई थी, जब करीब पंद्रह हज़ार महिलाओं ने न्यूयॉर्क शहर में एक परेड निकाली। उनकी माँग थी कि महिलाओं के काम के घंटे कम हों। तनख़्वाह अच्छी मिले और महिलाओं को वोट डालने का हक़ भी मिले।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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