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‘दलित ईसाई’ शब्द के इस्तेमाल पर The News Minute की सम्पादक को लोगों ने लताड़ा

कानूनी रूप से 'दलित ईसाई' वैध नहीं है। दलित के रूप में वर्गीकरण केवल हिन्दुओं, सिखों और बौद्धों का ही हो सकता है। हालाँकि कई दलित संगठन ईसाईयों और समुदाय विशेष को भी यह दर्जा दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक ऐसा हुआ नहीं है।

केरल के एक ईसाई युवक की हत्या के मामले में उसके लिए ‘दलित ईसाई’ शब्द के इस्तेमाल पर The News Minute पोर्टल की सम्पादक धन्या राजेंद्रन को ट्विटर पर लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। कई लोगों ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए इस शब्द की वैधता पर ही सवाल खड़े किए। उनके अनुसार हिन्दू धर्म के बाहर इस शब्द के इस्तेमाल का कोई औचित्य नहीं है।

दरअसल राजेंद्रन ने केरल के युवक केविन पी जोसेफ़ की हत्या के मामले में केरल के सेशन कोर्ट द्वारा 10 को दोषी ठहराने की खबर शेयर करते हुए कहा था कि ‘दलित ईसाई’ युवक की हत्या में दस लोगों को दोषी पाया गया है।

कानूनी रूप से नहीं है ‘दलित ईसाई’ का अस्तित्व

कानूनी रूप से ‘दलित ईसाई’ वैध नहीं है। दलित के रूप में वर्गीकरण केवल हिन्दुओं, सिखों और बौद्धों का ही हो सकता है। हालाँकि कई दलित संगठन ईसाईयों और समुदाय विशेष को भी यह दर्जा दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक ऐसा हुआ नहीं है

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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