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‘मौत के डर से मजहब छोड़ दोगे? हाथ और गले दोनों मिलाओ’ – Tik-Tok के खतरनाक वीडियो

"आज सुन्नत छोड़ रहे हो, कल को मौत के डर से इस्लाम छोड़ देंगे? अरे हम मुस्लिम हैं यार। हम मौत से नहीं डरते।" - Video में इसके बाद सभी दोस्त आपस में हाथ मिलाते हैं और गले मिलते हैं।

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स पर अक्सर ये आरोप लगते रहते हैं कि वहाँ वामपंथी विचारों को बढ़ावा दिया जाता है। न सिर्फ़ वहाँ कुछ इलीट किस्म के लोग इस काम में लगे रहते हैं बल्कि कई ऐसी कंपनियों के अधिकारियों पर भी हिन्दु-विरोधी कंटेंट्स को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं। उदाहरण के तौर पर ट्विटर पर दक्षिणपंथी विचारधारा वाले लोगों को ‘शैडो बैन’ कर दिया जाता है, जिससे उनके ट्वीट्स उनके सभी फॉलोवर्स को नहीं दिखते। फेसबुक भी समुदाय विशेष द्वारा की गई क्रूरता वाले कंटेंट्स को हटा देता है।

अब इसमें टिक-टॉक का नाम भी जुड़ गया है, जहाँ ऐसे कंटेंट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो न सिर्फ़ मजहबी चीजों को वैज्ञानिक और मेडिकल सलाहों से ऊपर बता कर पेश किया जा रहा है बल्कि लोगों के बीच ग़लत बातें पहुँचाई जा रही है। जैसे, नीचे संलग्न किए गए वीडियो को देखिए। इसमें समुदाय विशेष के तीन दोस्त बात कर रहे होते हैं, तभी चौथा दोस्त आता है। वो ‘अस्सलाम वालेकुम’ बोल कर एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं। फिर वो हाथ मिलाने और गले मिलने को बोलता है लेकिन एक दोस्त इनकार कर देता है।

वो कोरोना होने की बात करते हुए गले मिलने से इनकार कर देता है और कहता है कि इससे वो मर जाएगा। फिर दोस्त उससे पूछता है कि क्या मौत के डर से सुन्नत छोड़ दोगे? इसके बाद वो कहता है- “आज सुन्नत छोड़ रहे हो, कल को मौत के डर से इस्लाम छोड़ देंगे? अरे हम मुस्लिम हैं यार। हम मौत से नहीं डरते।” इसके बाद सभी दोस्त आपस में हाथ मिलाते हैं और गले मिलते हैं।

इसके अलावा एक अन्य वीडियो में भी कुछ लोग कोरोना वायरस के खतरों व इससे लेकर विशेषज्ञों की सलाहों को धता बताते हुए बातें कर रहे हैं कि हाथ मिलाने से बीमारी नहीं फैलती है बल्कि मोहब्बत बढ़ती है। जहाँ सरकार और सेलेब्रिटीज लोगों को कोरोना को लेकर डॉक्टरों की सलाहों को प्रमोट करने बोल रहे है, ऐसे वीडियो का आना खतरनाक है। मजहब के नाम पर बीमारी से बचाव के उपायों का मखौल उड़ाया जा रहा है।

बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर लोगों को ‘सोशल डिस्टैन्सिंग’ की प्रैक्टिस करने की सलाह दी जा रही है। एक-दूसरे से हाथ मिलाने की जगह ‘नमस्ते’ कह कर अभिवादन करने की सलाह दुनिया भर के विशेषज्ञों ने दिया है। चूँकि अब तक कोरोना वायरस के शिकार लोगों के इलाज के लिए किसी भी प्रकार की दवा नहीं बनाई जा सकी है, इससे बचने के लिए सावधानी बरतना ही मुख्य उपाय है। इसीलिए दिन में भी कई बार दोनों हाथों को साबुन से अच्छे से धोने की सलाह दी गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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