Homeसोशल ट्रेंडभारत बंद के पहले इच्छाधारी आंदोलनकारी योगेंद्र यादव को नेटिजन्स ने किया रोस्ट

भारत बंद के पहले इच्छाधारी आंदोलनकारी योगेंद्र यादव को नेटिजन्स ने किया रोस्ट

मज़े की बात यह है कि संदेश में भेजने वाले की पहचान करने वाली किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई थी। स्कूल, बोर्ड, शहर, प्रदेश- इस तरह की कोई जानकारी नहीं दी गई थी जिनका ज़िक्र एक प्रिंसिपल ‘अभिवावकों’ को संदेश देते हुए करता है।

पेशेवर आंदोलनकारी और पाखंडी राजनीतिज्ञ योगेंद्र यादव ने सोमवार (7 दिसंबर 2020) को प्रदर्शनरत किसानों और राजनीतिक दलों द्वारा घोषित किए गए ‘भारत बंद’ के ठीक पहले सोशल मीडिया पर नई थियरी पेश कर गुमराह करने की कोशिश की। योगेंद्र यादन ने एक स्क्रीनशॉट साझा किया जो खुद में संदिग्ध नज़र आ रहा था, उसमें यह दावा किया गया था शिक्षकों ने भी ‘किसानों’ का समर्थन करते हुए भारत बंद का समर्थन किया है। 

योगेंद्र यादव द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट में किसी स्कूल या किसी बोर्ड का उल्लेख नहीं था और इसका शीर्षक था, ‘Sub:information’। इस स्क्रीनशॉट में लिखा था, “प्यारे अभिवावकों, क्लास एलकेजी से लेकर क्लास 10 तक के लिए सूचना: कल (8 दिसंबर) भारत बंद होने की वजह से कोई ऑनलाइन क्लासेस नहीं होंगी। हम प्रार्थना करते हैं कि जल्द से जल्द किसानों की माँग पूरी की जाएँ। साभार प्रिंसिपल।” इस संदेश में कई तरह की गलतियाँ थीं और इसमें समय 3:13 PM दिया गया था। 

मज़े की बात यह है कि संदेश में भेजने वाले की पहचान करने वाली किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई थी। स्कूल, बोर्ड, शहर, प्रदेश- इस तरह की कोई जानकारी नहीं दी गई थी जिनका ज़िक्र एक प्रिंसिपल ‘अभिवावकों’ को संदेश देते हुए करता है। 

योगेंद्र यादव ने जैसे ही यह संदेश साझा किया, इसके कुछ ही देर बाद नेटिज़न्स ने उनकी जम कर मौज ली या यूँ कहें योगेंद्र यादव को तबीयत  से रोस्ट किया। 

एक ज़िम्मेदार नेटिज़न ने इशारा किया कि स्कूल्स को किसी भी तरह की राजनीति का पक्ष नहीं लेना चाहिए, चाहे वह सरकार के समर्थन में हो या विरोध में। 

वहीं एक और नेटिज़न ने कहा कि कितनी अनूठी बात है कि योगेंद्र यादव द्वारा साझा किए गए संदेश में प्रिंसिपल ‘अज्ञात’ है। 

वहीं कुछ अन्य लोगों ने इसी तरह का संदेश साझा किया जो उन्हें प्राप्त हुआ था। 

होगवार्ट्स ने इस नेटिज़न के लिए एक उल्लू भेजा। 

होब्बिट्स (hobbits) के पास भी लगाने के लिए एक दिलचस्प अनुमान है। 

तो हाँ, यह कुछ इस तरह पूरा हुआ। 

इसके अलावा योगेंद्र यादव ने यहाँ तक दावा किया कि 8 दिसंबर को भारत बंद के दौरान दूध जैसे आवश्यक चीज़ों की आवाजाही नहीं होगी। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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