केंद्र सरकार के ताज़ा कदम का विश्व हिन्दू परिषद व अन्य हिन्दू संगठनों ने स्वागत किया है। सुप्रीम कोर्ट में बार-बार राम मंदिर मसले की सुनवाई टलने से ये संगठन नाराज़ चल रहे थे।
10 जनवरी को पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस यूयू ललित ने खुद को मामले से अलग कर लिया था। दरअसल, अयोध्या से जुड़े एक मामले में उनके वकील के तौर पर पेश हो चुकने का मुद्दा उठाया गया था।
चुनाव से ठीक तीन महीने पहले इंडिया टुडे ने इस मुद्दे पर देश के लोगों की राय जानने के लिए एक सर्वे कराया है। इंडिया टुडे द्वारा कराए गए इस सर्वे में देश के 13,000 लोगों ने हिस्सा लिया।
फ़ारूख़ अब्दुल्लाह का ये बयान उस समय आया है, जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले पर सुनाई की जाने वाली थी, लेकिन आज उसे 10 जनवरी 2019 तक के लिए टाल दिया गया।