Tuesday, March 2, 2021
Home देश-समाज SC ने अयोध्या मामले में केंद्र को दिखाया संविधान पीठ का रास्ता

SC ने अयोध्या मामले में केंद्र को दिखाया संविधान पीठ का रास्ता

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की, इसके अनुसार 0.3 एकड़ के ‘विवादित’ क्षेत्र के अलावा बाक़ी के 67 एकड़ की भूमि को उनके मालिकों को लौटाया जा सकेगा। इसी 67 एकड़ के लिए केंद्र सरकार ने कोर्ट में अर्ज़ी दाख़िल की गई।

केंद्र सरकार की अयोध्या में विवादित ज़मीन छोड़कर बाकी बची ज़मीन मालिकों को वापस लौटाने वाली याचिका पर सुनावाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा है कि इस मामले में आप अपनी बात संविधान पीठ के पास रखें।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा, ”आपको जो कहना है, मुख्य मामले की सुनवाई करने वाली संविधान पीठ से कहें।” चीफ़ जस्टिस और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने इस मुद्दे को लेकर नई याचिका को मुख्य याचिका के साथ ही संलग्न करने का आदेश दिया है।

क्या है ज़मीन अधिग्रहण से जुड़ा मामला?

बता दें कि 1993 में केंद्र सरकार ने अयोध्या अधिग्रहण एक्ट के तहत मंदिर और उसके आसपास की ज़मीन का अधिग्रहण कर लिया था। इसके बाद उस ज़मीन को लेकर दायर की गई सारी याचिकाओं को भी ख़त्म कर दिया गया था। इस एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की, इसके अनुसार 0.3 एकड़ के ‘विवादित’ क्षेत्र के अलावा बाक़ी के 67 एकड़ की भूमि को उनके मालिकों को लौटाया जा सकेगा। इसी 67 एकड़ के लिए केंद्र सरकार ने कोर्ट में अर्ज़ी दाख़िल की गई। अगर कोर्ट ने केंद्र सरकार के पक्ष में फ़ैसला दिया तो यह ज़मीन राम जन्मभूमि न्यास सहित सभी संबंधित पक्षों को लौटाई जाएगी।

बता दें कि इन 67 एकड़ में से लगभग 42 एकड़ भूमि राम जन्मभूमि न्यास की है। अदालत ने 1994 में कहा था कि जिसके पक्ष में निर्णय आएगा, उसे ही ज़मीन दी जाएगी। अदालत ने केंद्र सरकार को इस ज़मीन को ‘कस्टोडियन’ की तरह रखने को कहा था।

भूरे बनाम भारत सरकार मामले में ज़मीन पर यथास्थिति बरक़रार

2003 में सुप्रीम कोर्ट ने असलम भूरे बनाम भारत सरकार मामले में फै़सला देते समय यह माना था कि पूरी ज़मीन पर यथास्थिति बरक़रार रखना जरूरी है, क्योंकि फै़सला आने पर जिसके भी पक्ष में ज़मीन आए, उसे उस जगह तक पहुँचने में कोई दिक्कत न आए।

कोर्ट का तर्क था कि अगर ज़मीन दे दी जाती है, तो निर्माण कार्य हो सकता है और फै़सले के बाद जिस भी पक्ष को ज़मीन मिलेगी उसे उक्त स्थान तक पहुँचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अब मामले पर सरकार का कहना है कि फ़ैसला आने के इंतजार में बाक़ी ज़मीन का पड़ा रहना सही नहीं है। उसे उसके मालिकों को लौटा देना चाहिए। सरकार ने कहा है कि विवादित ज़मीन तक आने-जाने का रास्ता देने के लिए जगह छोड़ने को हम तैयार हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हिंदू अराध्य स्थल पर क्रिश्चियन क्रॉस, माँ सीता के पद​ चिह्नों को नुकसान: ईसाई प्रचारकों की करतूत से बीजेपी बिफरी

मंदिरों को निशाना बनाए जाने के बाद अब आंध्र प्रदेश में हिंदू पवित्र स्थल के पास अतिक्रमण कर विशालकाय क्रॉस लगाए जाने का मामला सामने आया है।

भगवान श्रीकृष्ण को व्यभिचारी और पागल F#ckboi कहने वाली सृष्टि को न्यूजलॉन्ड्री ने दिया प्लेटफॉर्म

भगवान श्रीकृष्ण पर अपमानजनक टिप्पणी के बाद HT से निकाली गई सृष्टि जसवाल न्यूजलॉन्ड्री के साथ जुड़ गई है।

‘बिके हुए आदमी हो तुम’ – हाथरस मामले में पत्रकार ने पूछे सवाल तो भड़के अखिलेश यादव

हाथरस मामले में सवाल पूछने पर पत्रकार पर अखिलेश यादव ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उनकी किरकिरी हुई।

काम पर लग गए ‘कॉन्ग्रेसी’ पत्रकार: पश्चिम बंगाल में ‘मौत’ वाले मौलाना से गठबंधन और कलह से दूर कर रहे असम की बातें

बंगाल में कॉन्ग्रेस ने कट्टरवादी मौलाना के साथ गठबंधन किया, रोहिणी सिंह जैसे पत्रकारों ने ध्यान भटका कर असम की बातें करनी शुरू कर दी।

योगी के पहुँचते ही ‘जय श्रीराम’ से गूँज उठा बंगाल, लव जिहाद और गोहत्या पर ममता को घेरा

मिशन बंगाल पर निकले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मालदा में रैली की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो राम द्रोही हैं, उनका बंगाल में कोई काम नहीं है।

PM मोदी को हिंदू नर्सों पर नहीं भरोसा, ईसाई से लिया कोरोना का टीका: आंबेडकर के पौत्र का दावा

डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को हिंदू नर्सों पर भरोसा नहीं है, इसलिए उन्होंने ईसाई नर्स से कोरोना का टीका लिया।

प्रचलित ख़बरें

गोधरा में जलाए गए हिंदू स्वरा भास्कर को याद नहीं, अंसारी की तस्वीर पोस्ट कर लिखा- कभी नहीं भूलना

स्वरा भास्कर ने अंसारी की तस्वीर शेयर करते हुए इस बात को छिपा लिया कि यह आक्रोश गोधरा में कार सेवकों को जिंदा जलाए जाने से भड़का था।

‘प्राइवेट पार्ट में हाथ घुसाया, कहा पेड़ रोप रही हूँ… 6 घंटे तक बंधक बना कर रेप’: LGBTQ एक्टिविस्ट महिला पर आरोप

LGBTQ+ एक्टिविस्ट और TEDx स्पीकर दिव्या दुरेजा पर पर होटल में यौन शोषण के आरोप लगे हैं। एक योग शिक्षिका Elodie ने उनके ऊपर ये आरोप लगाए।

‘हिंदू होना और जय श्रीराम कहना अपराध नहीं’: ऑक्सफोर्ड स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष रश्मि सामंत का इस्तीफा

हिंदू पहचान को लेकर निशाना बनाए जाने के कारण रश्मि सामंत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

आस मोहम्मद पर 50+ महिलाओं से रेप का आरोप, एक के पति ने तलवार से काट डाला: ‘आज तक’ ने ‘तांत्रिक’ बताया

गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र स्थित गाँव जलालपुर में एक फ़क़ीर की हत्या के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है।

सपा नेता छेड़खानी भी करता है, हत्या भी… और अखिलेश घेर रहे योगी सरकार को! आरोपित के खिलाफ लगेगा NSA

मृतक ने गौरव शर्मा नाम के आरोपित (जो सपा नेता भी है) के खिलाफ अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई थी।

नमाज पढ़ाने वालों को ₹15000, अजान देने वालों को ₹10000 प्रतिमाह सैलरी: बिहार की 1057 मस्जिदों को तोहफा

बिहार स्टेट सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड में पंजीकृत मस्जिदों के पेशइमामों (नमाज पढ़ाने वाला मौलवी) और मोअज्जिनों (अजान देने वालों) के लिए मानदेय का ऐलान।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,208FansLike
81,879FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe