विषय: असहिष्णुता

ज़मीर बेच कर कॉफ़ी पीने वाली मीडिया और लिबटार्डों का सामूहिक प्रलाप (भाग 2)

एंकर स्टूडियो के भीतर इस तरह का चेहरा लेकर आने लगा कि उसे स्टूडियो के बाहर कुछ हिंदुओं ने थप्पड़ मार कर चेहरा सुजा दिया है। एंकर इस तरह से मरा हुआ मुँह लेकर बैठने लगा, और भद्दे ग्राफ़िक्स की मदद से आपको बताने लगा कि हत्या तो बस मुसलमानों की ही हो रही है, और कैसे डर फैलाया जा रहा है।
पायल रोहतगी

आलिया की ड्रामेबाज मम्मी जुनैद की झूठी मॉब लिंचिंग की कहानी फैलाती है, फिर कहती है ‘Vote against Hate’

पायल कहती हैं, "सोनी राजदान हमें ट्विटर पे ब्लॉक कर के 'Vote against Hate' कर के ट्वीट करती है, कितनी दोगली इंसान है। वो माफी नहीं माँगती कि कैसे वो जुनैद की नकली मॉब लिंचिंग वाली कहानी शेयर कर लोगों को गुमराह कर रही हैं और मानवता का ड्रामा कर रही हैं। यह मानवता इनको कश्मीरी पंडितो की उजड़ी हुई जिंदगी में नहीं दिखती।

7 दिन, 6 हमले, 5 हत्याएँ: संघी ही ‘फासिस्ट’, और संघी ही असुरक्षित

मुख्यधारा की मीडिया ने हमेशा की तरह मौन व्रत ले रखा है। किसी-किसी मामले में बोलना पड़ भी रहा है तो एक-एक शब्द इतनी कंजूसी से निकल रहा है कि मानों शोक जताने पर भी आचार संहिता लगी हुई है। न अब कहीं असहिष्णुता फ़ैल रही है, न ही प्राइम-टाइम डिबेट चल रहा है।
पल्लवी जोशी आमिर खान नसरुद्दीन शाह

निकल जाओ यहाँ से, चले जाओ पाकिस्तान: पल्लवी जोशी ने नसीरुद्दीन और आमिर से कहा

अपनी फिल्मों के प्रचार के लिए अनाप-शनाप बयान देने के लिए मशहूर आमिर खान ने कहा था कि देश का माहौल देखकर उन्हें लगने लगा है कि वो भारत से बाहर चले जाएँ। इसके अलावा, कुछ दिन पहले ही आलिया भट्ट की माँ और महेश भट्ट की पत्नी सोनी राजदान ने भी कहा था कि वह पाकिस्तान में ज्यादा खुश रहेंगी।

हिन्दूफोबिया टपकता है हसन मिन्हाज के शो से

हसन मिन्हाज जी, आप अपना समय हिन्दूफोबिया फैलाने की बजाय इस्लाम का एकाधिकारवाद मिटाने पर खर्च करें। कॉमेडी मैटर की वहाँ भी कमी नहीं है।
अभिनन्दन

‘खलनायकों’ और ‘डरे’ हुए ख़ानों से आगे का नाम है अभिनंदन, पर्दे के हीरो से आगे आ चुके हैं हम

एक समय हम 'खलनायक' संजू और शाहरुख़ जैसे बाल रखने लगे थे। 'डर' के कारण बच्चों के नाम 'राहुल'। समय बदला है। जब अभिनन्दन लौटे तो कई बच्चों का नाम अभिनन्दन रखे जाने की ख़बर है।
ईश-निंदा

पैगंबर मुहम्मद पर विचार रखना नहीं है ईशनिंदा: मद्रास हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

अल्पसंख्यक समुदायों और उनसे संबंधित धर्मों (इस्लाम या ईसाई धर्म) की आलोचना पर सरकार हमेशा से कड़े रुख अपनाती रही है। जबकि हिंदू धर्म की आलोचना 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' के तहत स्वीकार्य मानी जाती रही है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद शायद यह मान्यता टूटेगी!

सिर्फ और सिर्फ जिहादी हिंसा का संरक्षक है आतंकवाद

कुछ गिने-चुने मुसलमान ही ऐसे थे, जो सोशल मीडिया पर कुरीतियों और बुराइयों को स्वीकार कर उनका विरोध करते थे। लेकिन उनके एकाउंट को रिपोर्ट कर डिलीट करवा दिया गया। उनकी अभिव्यक्ति की आजादी ही छीन ली गई, क्योंकि वो सुधार की बात करते हैं।
गोवंश

पुलिसकर्मी पर गौ तस्करों ने चढ़ाई गाड़ी, आरोपित मुजीब गिरफ़्तार

कैंटर में कुल 8 गौ-वंश बरामद किए गए, बताया जा रहा है कि इन्हें राजस्थान ले जाया जा रहा था। मामले में फिरोज़पुर झिरका थाने में 2 लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है।
रामलिंगम

हिन्दुओं की मौत में अख़लाक़ वाला सोफ़िस्टिकेशन नहीं है

क्या मार दिए गए किसी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए न्याय नहीं मिलना चाहिए, क्योंकि उसका नाम अख़लाक़ नहीं बल्कि रामलिंगम है?
सवालों के घेरे में मीडिया

इम्तियाज़ और अब्दुल ने कॉन्स्टेबल प्रकाश को पिकअप ट्रक चढ़ाकर मार दिया, कहीं ख़बर पढ़ी?

अब आप इसी हत्या की कहानी के नाम बदल दीजिए, प्रकाश को ट्रक पर बिठा दीजिए, फ़ैयाज़ और क़ुरैशी को पुलिस बना दीजिए। तब ये घटना, भले ही इसमें घृणा का एंगल न हो, साम्प्रदायिक हो जाएगी।
Hate-Crime

गलत आँकड़ों के ज़रिए ‘IndiaSpend’ कर रहा है पीड़ित मुस्लिमों की संख्या में इज़ाफ़ा

इस मामले से अब तक ये तो स्पष्ट है कि विवाद की वजह ज़मीन है, न कि घृणा-जन्य अपराध।

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