उत्तर प्रदेश ने अब तक 800 श्रमिक ट्रेनों को राज्य में आने की स्वीकृति प्रदान की है। वहीं दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल, जहाँ प्रवासियों की संख्या काफी अधिक है, ने अब तक मात्र 19 श्रमिक ट्रेनों को मंजूरी दी है।
उत्तर प्रदेश में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। अब फँसे हुए प्रवासियों को ले जाने वाले वाहन और माल ढोने वाले वाहन रात में एक साथ काफिले में चलेंगे।