“जिस दिन मुझे इस तरह का कोई आमंत्रण आ गया उस दिन सेक्युलरिज्म खतरे में आ जाएगा। और मैं ऐसा बिलकुल नहीं चाहता कि धर्म निरपेक्षता पर किसी भी तरह का ख़तरा हो"
दान की भूमि पर मस्जिद का निर्माण नहीं किया जा सकता है, ऐसा होने पर मस्जिद में की गई दुआ कबूल नहीं होती है। नतीजतन मुस्लिम समाज को उस स्थान पर अस्पताल और विद्यालय खोलना चाहिए।