एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इस फेक न्यूज पर कहा कि वार्ड में मरीजों के लिए ऑक्सीजन के आउटलेट पॉइंट बढ़ा रहे थे, ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन की कमी का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
"आयुष्मान भारत योजना से गरीबों के लगभग 30 हजार करोड़ रुपए ज्यादा बचे हैं। आप सोचिए, इस योजना ने गरीबों को कितनी बड़ी आर्थिक चिंता से मुक्त किया है। अनेकों गंभीर बीमारियों का इलाज गरीबों ने अच्छे अस्पतालों में मुफ्त कराया है।"
अस्पताल प्रबंधन की तरफ से हुई इस लापरवाही के चलते हिंदू परिवार ने एक मुस्लिम महिला का अंतिम संस्कार कर दिया और मुस्लिम परिवार के व्यक्तियों ने एक हिंदू महिला को दफ़न कर दियाl