Saturday, July 20, 2024
Homeदेश-समाज6 शहरों में कोरोना वायरस वैक्सीन शुरू, अगले 6 शहर लाइन में: डॉक्टरों ने...

6 शहरों में कोरोना वायरस वैक्सीन शुरू, अगले 6 शहर लाइन में: डॉक्टरों ने कहा – ‘अभी तक नहीं है कोई दुष्प्रभाव’

जायडस कैडिला द्वारा विकसित ZyCov-D का परीक्षण अहमदाबाद तक ही सीमित होगा। वहीं Covaxin का पहला ट्रायल 12 विभिन्न शहरों के 12 अलग-अलग अस्पतालों में होगा। इनमें 500 वॉलंटियर्स शामिल होंगे।

चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस का प्रसार भारत में भी बढ़ता जा रहा है। भारत लगातार कोरोना वायरस को मात देने के लिए वैक्सीन बनाने की कोशिश में जुटा है। इसी बीच भारत बायोटेक और जायडस कैडिला की वैक्सीन का अलग-अलग राज्यों के 6 शहरों में ह्यूमन ट्रायल शुरू हो चुका है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत बायोटेक और जायडस कैडिला दोनों को ही क्लिनिकल ट्रायल के फेज-1 और फेज-2 की मंजूरी दे दी गई थी। दोनों ने 15 जुलाई को स्वयसेवकों को अपनी-अपनी वैक्सीन की पहली डोज दी थी। कथित तौर पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी एक अन्य वैक्सीन विकसित कर लिया है। इसका ह्यूमन ट्रायल भी भारत में अप्रूवल मिलने के बाद जल्द शुरू हो सकता है।

भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन (Covaxin) का ह्यूमन ट्रायल दिल्ली, हैदराबाद, पटना, कांचीपुरम और रोहतक में पहले ही शुरू किया जा चुका है। जल्द ही यह नागपुर, बेलगाम, गोरखपुर, कानपुर और विशाखापत्तनम में भी शुरू होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, जायडस कैडिला द्वारा विकसित ZyCov-D का परीक्षण अहमदाबाद तक ही सीमित होगा। वहीं Covaxin का पहला ट्रायल 12 विभिन्न शहरों के 12 अलग-अलग अस्पतालों में होगा। इनमें 500 वॉलंटियर्स शामिल होंगे।

शामिल होने वाले वॉलंटियर्स की उम्र 18 से 55 साल के बीच निर्धारित की गई है। वैक्सीन उम्मीदवार भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के बीच एक संयुक्त कोलैबोरेशन का प्रमाण होगा।

गौतलब है कि राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में देश की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन का इंसान पर ट्रायल शुक्रवार से शुरू हो गया है। वहीं ह्यूमन ट्रायल प्रोजेक्ट की टीम को लीड कर रहे प्रोफेसर डॉ संजय रॉय ने बताया कि जिस व्यक्ति को वैक्सीन दिया गया है, उसके शरीर में कोई बड़ा दुष्प्रभाव नहीं दिखा है।

इसके अलावा पटना एम्स के डायरेक्टर पीके सिंह ने ह्यूमन ट्रायल के दौरान बताया कि कुछ छोटे-मोटे साइड इफेक्ट दिख रहे हैं। जैसे- जहाँ इंजेक्शन लगाया जा रहा है, वहाँ की त्वचा लाल हो जा रही है, दर्द और हल्का बुखार दिख रहा है। लेकिन इससे किसी प्रकार का अन्य स्वास्थ्य समस्या नहीं उत्पन्न हो रहा है और डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फैक्ट चेक’ की आड़ लेकर भारत में ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने की तैयारी कर रहा अमेरिका, 1.67 करोड़ रुपए ‘फूँक’ तैयार कर रहा ‘सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स’...

अमेरिका कथित 'फैक्ट चेकर्स' की फौज को तैयार करने की योजना को चतुराई से 'डिजिटल लिटरेसी' का नाम दे रहा है, लेकिन इनका काम होगा भारत में अमेरिकी नरेटिव को बढ़ावा देना।

मुस्लिम फल विक्रेताओं एवं काँवड़ियों वाले विवाद में ‘थूक’ व ‘हलाल’ के अलावा एक और पहलू: समझिए सच्चर कमिटी की रिपोर्ट और असंगठित क्षेत्र...

काँवड़ियों के पास ये विकल्प क्यों नहीं होना चाहिए, अगर वो सिर्फ हिन्दू विक्रेताओं से ही सामान खरीदना चाहते हैं तो? मुस्लिम भी तो लेते हैं हलाल?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -