विषय: एयर स्ट्राइक

IAF ने जारी किया बालाकोट एयर स्ट्राइक का प्रमोशनल वीडियो: पाकिस्तान में ऐसे तबाह हुए थे आतंकी ठिकाने

एयर चीफ़ मार्शल भदौरिया ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाइयों को बड़ी उपलब्धि बताया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की तरफ से कोई भी आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया गया तो सरकार की योजना के अनुसार उसका उचित जवाब दिया जाएगा।
इमरान ख़ान

हाँ, भारत ने बरसाए थे बम, हमने अलकायदा को ट्रेनिंग दी: इमरान ख़ान ने एयर स्ट्राइक कबूली

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने बालाकोट के आतंकी ठिकानों पर बम बरसाए थे। यह पहला मौका है जब सार्वजनिक तौर पर इमरान ने यह बात कबूली है। इससे पहले कम से कम दो मौकों पर उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से एयरस्ट्राइक की बात मानी थी।
एयर स्ट्राइक, बालाकोट

एयर स्ट्राइक इफ़ेक्ट: आतंकी संगठनों को नहीं मिल रहे कश्मीरी युवा, भर्ती में 40% व घुसपैठ में 43% की कमी

पुलवामा में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। जवाबी कार्रवाई में भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक किया था। हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ सामने आने के बाद भारतीय वायुसेना ने इस आतंकी संगठन के सबसे बड़े कैम्प को निशाना बनाया और सैंकड़ों आतंकी मार गिराए थे।

PAK ने गुलाम कश्मीर के आतंकी शिविरों को अफगानिस्तान की सीमा पर शिफ्ट किया

डूरंड रेखा के पार पाक आतंकियों ने अफ़गान तालिबान और अफ़गान विद्रोही संगठन हक्कानी नेटवर्क के साथ हाथ मिला लिया। डूरंड रेखा अफ़गानिस्तान से पाकिस्तान को अलग करती है। यहाँ इनके चरमपंथी काडर को विध्वंसक गतिविधियों की ट्रेनिंग दी जाती है।

बालाकोट एयर स्ट्राइक की प्लानिंग करने वाले अधिकारी को R&AW की कमान

सामंत गोयल R&AW में अनिल धसमाना का स्थान लेंगे जबकि अरविन्द कुमार इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख के रूप में राजीव जैन का स्थान लेंगे। जैन और धसमाना को 2016 में नियुक्ति दी गई थी। बाद में उन्हें छः महीने का कार्यकाल विस्तार दिया गया था।
भारतीय वायु सेना के मिराज 2000

Spice-2000 ‘अचूक’ बमों का इस्तेमाल, और 90 सेकंड में सब तबाह: ऐसे हुई थी बालाकोट पर एयर स्ट्राइक

हमले की सफलता का कोई वीडियो न होने के बावजूद पायलटों के मन में सफलता को लेकर कोई संदेह नहीं है। “मुझे स्पाइस बमों के निशाने पर गिरने में कोई संदेह नहीं है।”
भारतीय नौसेना, बालाकोट स्ट्राइक

बालाकोट के बाद वो लड़ाई जो भारतीय नौसेना ने लड़ी: कहानी गायब पाकिस्तानी सबमरीन की

कराची में जिस आखिरी लोकेशन से पीएनएस साद गायब हुआ था, वहाँ से उसे गुजरात के तटीय स्थल तक पहुँचने में 3 दिन लगते और अगर वो मुंबई स्थित वेस्टर्न फ्लीट के मुख्यालय तक पहुँचने की चेष्टा करता तो उसे 5 दिन लगते। अगर सच में ऐसा होता तो यह देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा हो सकता था।
इमरान खान

इमरान मियाँ! जब एयर स्ट्राइक हुई ही नहीं थी तो रहम की भीख क्यों माँग रहे हो?

अब ये पाक के ऊपर है कि उसके साथ कैसा व्यवहार हो, अगर वाकई वह चाहता है कि भारत आतंक रोधी अभियान के तहत उसे कठोर कदमों का सामना न करना पड़े तो, कस्मों-वादों के चक्कर में न पड़के आतंक की कमर तोड़ने में लग जाए। नहीं तो क्या पता अगली बार भारतीय जवान जिस गति और मजबूती से कश्मीर सहित देश के हर उस हिस्से से जहाँ से आतंक की बू आ रही है, साफ कर रहे हैं, बेमुरव्वत आतंकियों को ठिकाने लगा रहे हैं। कल को पाक की सिर्फ कमर तोड़ने के लिए छोटे-मोटे सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बल्कि जड़ से आतंक के नासूर को उखाड़ फेंकने के लिए कोई और तरीका ही ईजाद कर लें!

‘अच्छा वाला ओवैसी’ एक छलावा है, दोनों भाई ही एक ही विकृत मानसिकता के शिकार हैं

ओवैसी ने वायु सेना के इस घोषणा पर कहा कि मोदी से पूछ लेते क्योंकि उनको तो रडार की बहुत जानकारी है, और वो तो दुश्मनों के इलाके तक में जहाज़ भेज कर एयर स्ट्राइक करते हैं। वायु सेना को तो मोदी को फोन कर लेना चाहिए था, उनके पाँच लाख बच जाते।
बालाकोट

‘समुदाय विशेष के प्रति विरोध पैदा करने के लिए करवाई Air Strike, यह भारत में हुआ था, Pak में नहीं’

"लोगों को नियंत्रण रेखा और उस क्षेत्र के बारे में कोई समझ नहीं है। यही वजह है कि उन्हें लगता है कि भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की थी। यह सब सिर्फ एक विशेष समुदाय के प्रति विरोध पैदा करने के लिए किया गया था।"

भारतीय वायुसेना ने खोला आकाश, एयरस्पेस से अस्थाई प्रतिबंध हटाए

अब भारत के द्वारा उठाया गया ये कदम पाकिस्तान के लिए संकेत है कि वह भी अपने एयर स्पेस पर लगे प्रतिबंध हटा ले।
बीएस धनोआ

‘बालाकोट एयर स्ट्राइक पर प्रोपेगेंडा करना होता तो और भी भारी-भरकम हथियार गिराते’

एयर चीफ़ मार्शल बीएस धनोआ कहते हैं कि अगर इस स्ट्राइक को उन्हें प्रोपेगेंडा की तरह इस्तेमाल करना होता तो वे अधिक क्षमता वाले हथियारों का प्रयोग करते ताकि ज्यादा बड़े भूभाग को नष्ट किया जा सके लेकिन वो अतिरिक्त क्षति नहीं पहुँचाना चाहते थे।

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