तीनों जबरन उसके घर में घुसे और अंदर से घर को बंद कर लिया। इसके बाद पत्नी और मासूम बेटे की आँखों के सामने ही रामू के पेट व सीने में कई बार चाकू घोंप कर वहाँ से भाग गए।
"उन्होंने मेरे खिलाफ याचिकाएँ दायर कीं, मुझ पर CM का पक्ष लेने का आरोप लगाया। टेलीफोन पर मेरी बातचीत की निगरानी के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भी किया"
जिस ट्रेन की बॉगी में 59 हिन्दू कारसेवकों को जिंदा जला दिया गया, उसके बाद के दंगों का आरोप भी हिन्दुओं पर ही लगा, और अंततः मुख्यमंत्री मोदी पर जा कर चिपक गया। इन सबके बावजूद, सारी एजेंसियों को मोदी के पीछे लगा देने के बाद भी साबित कुछ नहीं हुआ।