तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि धरना स्थल पर कुछ मीटरों की दूरी पर जगह-जगह रहे तख्त पर इक्का-दुक्का महिलाएँ बैठी हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं कुछ प्रदर्शनकारी मुँह पर मास्क पहने दिखाई दिए, लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना के खतरे को देखते हुए 50 से अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र न होने की चेतावनी शाहीन बाग के काम नहीं आई।
अभी तक भारत में कोरोना वायरस के चलते तीन मौत हो चुकी हैं, इनमें पहली कर्नाटक, दूसरी दिल्ली और तीसरी मौत महाराष्ट्र में हुई है। वहीं देश में कोरोना वायरस के अब तक 126 मामले सामने आ चुके हैं।
दिल्ली पुलिस ने अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट में यह भी कहा है कि पेट्रोल बम लिए घूम रहे दंगाइयों और फँसे हुए निर्दोष स्टूडेंट्स के बीच फर्क करना बेहद मुश्किल था, क्योंकि उस समय अँधेरा हो चुका था।
अंकित शर्मा की कितने निर्मम तरीके से हत्या की गई थी, इसके राज मुल्ला पहले ही खोल चुका है। अब इस मामले में फ़िरोज़, जावेद, गुलफाम, शोएब और अनस दबोचे गए हैं। मूसा की तलाश की जा रही है।
SIT ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है उनकी पहचान मोहम्मद फिरोज, चाँद मोहम्मद, और रईस खान के रूप में हुई है। इनके सम्पर्क शाहिद खान की हत्या से जुड़े होने के कारण इन्हें गिरफ्तार किया गया है।
हमला करने वाली अधिकतर महिलाओं ने बुर्के पहन रखे थे, इसलिए उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है। लेकिन, मौके से मिले वीडियो फुटेज और सर्विलांस के जरिए 6 महिलाओं की पहचान कर ली गई है, जिनको लेकर पुलिस जल्द खुलासा और गिरफ्तारियाँ कर सकती है।
पुलिस ने चॉंदबाग में दंगों के दौरान मूसा के फोन को सर्विलांस पे रखा था। बातचीत में मुल्ला का नाम सामने आया था। जब मुल्ला का फोन सर्विलांस पर लिया गया तो वह किसी से बात करते हुए सुनाई पड़ा- हमने एक को गोद दिया।
तनवीर और गुलफाम दंगों में शामिल थे। इनके पास से कई मोबाइल फोन मिले हैं जिन्हें जॉंच के लिए फॉरेंसिक विभाग को भेज दिया गया है। इससे पहले अंकित शर्मा की हत्या के मामले में सलमान को गिरफ्तार किया गया था।
"हत्या करने वाले सभी लोगों को पता था कि अंकित IB में काम करते हैं। साजिश कर उनकी हत्या की गई। पहले घसीटकर ताहिर हुसैन के घर ले गए और फिर 1 दर्जन से भी ज्यादा लोगों ने चाकू से वार किया। तड़पा-तड़पाकर मारा और फिर शव नाले में फेंक दिया।"
ताहिर हुसैन के साथ ही हिंसा फैलाने के अरोपित रियासत अली और दिलबर नेगी के हत्यारोपित शाहनवाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले कोर्ट ने रियासत अली को पुलिस रिमांड पर भेजा था। केंद्र सरकार दिल्ली दंगों में शामिल लोगों की पहचान तत्परता से कर रही है और दोषियों की गिरफ्तारियाँ कर रही है।