"तबलीगी जमात के ज्यादातर सदस्य जाँच में सहयोग नहीं कर रहे। इसके कारण हमारे स्टाफ की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। जिन तीन ब्लॉक में इन्हें रखा गया है वहॉं पुलिस की तैनाती करनी पड़ी है।"
पुलिस ने मौलाना साद, डॉ जीशान, मुफ्ती शहजाद, मोहम्मद सैफी युनूस और मो सलमान के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने बताया कि संख्या ज्यादा होने के कारण जगह को खाली कराने में 5 दिन लगे। वहीं ये भी मालूम हुआ कि 28 मार्च को पुलिस द्वारा नोटिस मिलने के बाद से इस कार्यक्रम को आयोजित करने वालों में से एक मोहम्मद साद फरार है। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।
इन सभी लोगों पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई उपराज्यपाल के आदेश पर की है। इससे पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल को पत्र लिख आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।
लॉकडाउन के 48 घंटे बाद ही देश की राजधानी दिल्ली के अलग-अलग स्लम इलाकों से ऐसी तस्वीरें आईं, जिनमें मजदूरों और उनके परिवार के लोग भूख से बिलखते दिखाई पड़े। लेकिन दिल्ली पुलिस ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की कि वो लोग कह उठे - 'पुलिस वाले भैया' को धन्यवाद!
महिला प्रदर्शनकारी बार-बार खुद को पुलिस की पकड़ से छुड़ाने की कोशिश कर रही है। लेकिन जब पत्रकार उससे बढ़ते संक्रमण पर सवाल करता है तो कहती है कि इन्हें हमारी हाय लगेगी।
“कोरोना वायरस के बढ़ने के कारण लोगों से अपील की जा रही थी। स्थानीय भी हमसे माँग कर रहे थे। आज सुबह हमने इस कार्रवाई की शुरुआत की 7 बजे। शुरुआत में कुछ शरारती तत्व माहौल को बिगाड़ना चाहते थे। वे नहीं माने, तो उन्हें हिरासत में लिया गया है।”
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते कई राज्यों जैसे पंजाब, राजस्थान आदि के पूरी तरह लॉक डाउन किए जाने और देश भर के कोरोना प्रभावित 75 जिलों के लॉक डाउन के बाद अब दिल्ली में सीआरपीसी सेक्शन 144 लागू कर दिया गया है। इससे 4 से ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने को प्रतिबंधित किया गया है।
डीसीपी ऑफिस में कार्यरत एएसआई रविंद्र बुधवार की रात करीब 7 बजे अपने भतीजे से मिलने गए थे। मगर वापसी के दौरान उन्होंने तीन लोगों के बीच आपसी झड़प होती देखी। इनमें से एक ने इसी बीच 2 राउंड गोली फायर कर दी और फिर भागना शुरू कर दिया।
केजरीवाल सरकार की अपील के बाद भी शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों का सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इक तरफ चीन के बुहान शहर से तेजी से फैली महामारी ने दुनियाँ को बंद कर दिया है। तो वहीं दूसरी ओर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर कुरान पढ़ रहे हैं। यह मानते हुए कि अल्लाह उन्हें कोरोना के संकट से बचाएगा।