दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में 'कॉल फार जस्टिस' संस्था की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने गृहमंत्री को रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें कि ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट्स को आधार बनाया गया है।
दिल्ली दंगों की चार्जशीट में AAP के (अब निलंबित) पार्षद ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपित बनाया गया है। उसके भाई शाह आलम सहित 15 अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है।
'पिंजरा तोड़' वामपंथी विचारधारा की विष-बेल बन दिल्ली यूनिवर्सिटी को बर्बाद कर रही है। दंगों में भी पुलिस ने इनकी भूमिका बताई है, क्योंकि दंगों की तैयारी के दौरान इनके सदस्य उन इलाकों में होते थे।
पिंजरा तोड़ के सह-संस्थापक "नताशा नरवाल" जिसे दिल्ली के हिंदू-विरोधी दंगों को उकसाने के लिए गिरफ्तार किया गया है, वो पहले कई वामपंथी झुकाव वाले ऑनलाइन पोर्टल्स की कॉलमनिस्ट भी रह चुकी है।