बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उपजी राजनीतिक हिंसा के बाद सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंगाल छोड़ दिया है। असम के मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने खुद इसकी जानकारी दी है।
पश्चिम बंगाल में बुरी तरह से हारने के बाद भी अन्य कॉन्ग्रेसी नेता ममता बनर्जी की जीत का जश्न मनाने में पीछे नहीं रहे, जबकि वहाँ पर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को टीएमसी के गुंडों के हिंसा का सामना करना पड़ा।
विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बहाने राज्य में हिंसा, आगजनी और बर्बरता की घटनाओं ने न केवल देश को शर्मसार किया है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया है।
बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर भाजपा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर घटनाओं पर सीबीआई जाँच की माँग की गई है। ये याचिका भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट में दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसाओं के साथ राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर दु:ख जताया है। प्रधानमंत्री ने बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से फोन पर बात करते हुए हालात पर चिंता व्यक्त की है।
JNU में मॉलिक्यूलर मेडिसिन के प्रोफेसर गोबर्धन दास बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी के उम्मीदवार थे। उनके गाँव में कई भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों को निशाना बनाया गया है।