Sunday, September 26, 2021

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प्रेस फ्रीडम

जिस भास्कर में स्टाफ मर्जी से ‘सूसू-पॉटी’ नहीं कर सकते, वहाँ ‘पाठकों की मर्जी’ कॉर्पोरेट शब्दों की चाशनी है बस

"भास्कर में चलेगी पाठकों की मर्जी" - इस वाक्य में ईमानदारी नहीं है। पाठक निरीह है, शब्दों का अफीम देकर उसे मानसिक तौर पर निर्जीव मत बनाइए।

26 फ़ीसदी FDI की अनुमति: केंद्र सरकार ने PIB मान्यता सहित डिजिटल मीडिया समूहों के उत्थान के लिए उठाए कई कदम

केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल मीडिया समूहों को लगभग 1 वर्ष का समय दिया गया है जिससे वह इस अवधि में शेयर होल्डिंग से संबंधित मानदंडों को पूरा कर सकें।

सुदर्शन ‘UPSC जिहाद’ मामला: जिसे बताया हेट स्पीच, वो अनुवाद ही गलत… मधु किश्वर ने दायर की हस्तक्षेप याचिका

'यूपीएससी जिहाद' शो के टेलीकास्ट के बाद वकील फिरोज इकबाल खान ने मधु पूर्णिमा किश्वर की टिप्पणी का हवाला दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने...

पैगंबर मुहम्मद पर कार्टून, फ्रेंच मैगजीन शार्ली एब्दो पर फ्रांस के प्रेसिडेंट ने कहा – ‘नहीं करूँगा निंदा, प्रेस की स्वतंत्रता है’

फ्रेंच व्यंग्य मैगजीन शार्ली एब्दो ने कहा कि वह पैगंबर मुहम्मद के कथित विवादास्पद कार्टूनों के कारण हुए हमले से जुड़े मुकदमे की शुरुआत में...

‘तुम्हारे लेख भड़काऊ और उत्तेजक हैं’: पत्रकारों पर FIR के बाद अब कॉन्ग्रेस ने फर्स्टपोस्ट को भेजा कानूनी नोटिस

कॉन्ग्रेस ने फर्स्टपोस्ट को मानहानि का क़ानूनी नोटिस भेजा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि फर्स्टपोस्ट के लेख उत्तेजक और भड़काऊ हैं।

ऑपइंडिया को पुलिस से डराना: ‘प्रेस स्वतंत्रता’ टुटपुँजिया वामपंथी पत्रकारों या बड़ी संस्थाओं की बपौती नहीं

किसी भी राज्य की पुलिस, हमारे पीछे अपनी राजनैतिक मजबूरियों के कारण भले ही लग जाए, लेकिन वो ऑपइंडिया से खबरें डिलीट नहीं करवा सकते। कानूनी रूप से लड़ोगे, हम पहले से ज्यादा तैयार हैं। हम यहाँ टिकने आए हैं, खबरें डिलीट करने नहीं।

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