Sunday, July 5, 2020
Home बड़ी ख़बर ऑपइंडिया को पुलिस से डराना: 'प्रेस स्वतंत्रता' टुटपुँजिया वामपंथी पत्रकारों या बड़ी संस्थाओं की...

ऑपइंडिया को पुलिस से डराना: ‘प्रेस स्वतंत्रता’ टुटपुँजिया वामपंथी पत्रकारों या बड़ी संस्थाओं की बपौती नहीं

सड़क पर चलते पत्रकार को सत्तारूढ़ नेताओं ने भी गोली मरवाई है, कट्टरपंथियों ने भी हमले किए हैं, इनबॉक्स में धमकियाँ भी आती हैं… लेकिन पत्रकारिता रुक जाएगी क्या? उँगलियों की अंतिम हलचल तक लेख लिखे जाते रहेंगे, होंठों की आख़िरी ज़ुम्बिश तक हम बोलते रहेंगे।

ये भी पढ़ें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

‘प्रेस स्वतंत्रता’ टुटपुँजिया वामपंथी पत्रकारों या बड़े संस्थानों के बाप की जागीर नहीं है, कि जब चाहे पुलिस लगा दो! वो मेरी और ऑपइंडिया की भी है, टाइम्स ऑफ इंडिया पत्रकार की भी है, और अगर ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ जोड़ दें तो, सड़क किनारे भुट्टा बेचते छोटे व्यापारी की भी है।

किसी भी राज्य की पुलिस, हमारे पीछे अपनी राजनैतिक मजबूरियों के कारण भले ही लग जाए, लेकिन वो हमसे खबरें डिलीट नहीं करवा सकते। कानूनी रूप से लड़ोगे, हम पहले से ज्यादा तैयार हैं। हम यहाँ टिकने आए हैं, खबरें डिलीट करने नहीं।

न ही हम ‘अभी ‘फलाँ पत्रकार’, ‘स्कोडा गिल्ड’ का गुप्ता चुप क्यों है’ वाली बातें कहेंगे क्योंकि वो बेकार की बातें हैं। ये नंगे लोग नहाएँगे क्या, और निचोड़ेंगे क्या! हमें इनसे न तो उम्मीद है, न ही उन्हें इस लायक समझते हैं कि वो हमारा प्रतिनिधित्व करें। हम अपने प्रतिनिधि स्वयं हैं।

और हमारे ‘टिकने’ से मतलब है कि हम यहाँ ठहरेंगे, अपना आकार बदलेंगे और पत्रकरिता की दिशा और दशा तय करेंगे। हमने ‘समुदाय विशेष’ की नौटंकी बंद करवा दी है, और बाकियों ने अपराधियों का नाम लेना शुरु कर दिया है। अभी और भी बहुत कुछ बदलेगा

बात यह नहीं है कि हम पर सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से ले कर राजनैतिक पार्टियों के नेताओं, इस्लामी कट्टरपंथियों और नक्सलियों ने खुजली वाले, केसविहीन कुत्तों के झुंड की तरह हम पर हमला बोला है, वो तो करेंगे ही क्योंकि उनकी नग्न चमड़ी हमने ही झुलसाई है। बात यह है कि भौंकना उनकी प्रकृति है और हमारी प्रकृति है सप्तबाण संधान से उनका मुख बंद करना।

यह समझना कठिन नहीं है एक ट्वीट पर पुलिस संज्ञान क्यों लेती है, और बिना कोर्ट में केस ले जाए, सीधे एक खबर को डिलीट करने का निर्देश (आदेश के लहजे में कि हम पुलिस बोल रहे हैं) दे देती है। मीडिया और सोशल मीडिया के बीच की क्षीण होती भित्ति के कारण, निजी भी सार्वजनिक हो चुका है। अतः कोई हिन्दूघृणा बेचेगा/बेचेगी, तो हम उस पर मुखर हो कर लिखेंगे।

ऑपइंडिया (अंग्रेजी) की सम्पादिका नुपुर शर्मा का ट्वीट

सैकड़ों सालों से दबाई जाती आवाजें एक पूरी जनसंख्या के रूप में गूँगी रह कर सहने को विवश होती रही है। पत्रकारिता के मानदंड वो तय नहीं करेंगे जिन्होंने इतिहास और संस्कृति का शीलहरण किया है। ऐसे हर मानदंड हम तोड़ेंगे क्योंकि वो जनभावना के विरोध में है। एक को प्राथमिकता, दूसरे को नीची निगाह… ये बंद होना चाहिए।

सलमान को ‘रमेश (बदला हुआ नाम)’ कह कर उसके बलात्कार को हिन्दुओं के ऊपर फेंकना, मुसलमान आलिम के लिए हिन्दू ‘तांत्रिक’ जैसे शब्द और भगवा वस्त्रों वाला कार्टून लगा कर किस तरह की प्रस्तुति हो रही है पत्रकारिता की? क्या हम यह दिखाना चाहते हैं कि एक मजहब अपराध नहीं करता?

या वो यह जताना चाहते हैं कि उनके द्वारा किए गए अपराधों पर लिखना निषिद्ध है? नहीं, उन सबके नाम लिखे जाएँगे, उनके द्वारा किए गए अपराधों का वर्णन ऐसे होगा कि आपके सामने वो चलचित्र बन कर उभरे, उसके ‘लव जिहाद’, ‘रेप जिहाद’ और बाकी अपराधों को आप देख-समझ पाएँगे। सामाजिक अपराध को सामाजिक अपराध कहेंगे और मजहबी को मजहबी।

डरने से तो हम रहे, तुम लार टपकाते लकड़बग्घों का झुंड बन कर आते रहो… हम शिकार के लिए बैठे हैं क्योंकि तुम्हारे लिए हमने जो लैंडमाइन लगाए हैं, वो विस्फोटक नहीं, सामान्य लोगों की खुली आँखें हैं। वो तुम्हारी नग्नता को देखेंगे, और बचे-खुचे वस्त्र भी हर लेंगे। बाकी काम हम अपने पत्रकारिता का हैलोजैन जला कर कर देंगे।

सड़क पर चलते पत्रकार को सत्तारूढ़ नेताओं ने भी गोली मरवाई है, कट्टरपंथियों ने भी हमले किए हैं, इनबॉक्स में धमकियाँ भी आती हैं… लेकिन पत्रकारिता रुक जाएगी क्या? उँगलियों की अंतिम हलचल तक लेख लिखे जाते रहेंगे, होंठों की आख़िरी ज़ुम्बिश तक हम बोलते रहेंगे।

पत्रकारिता ‘ब्लू टिक’ वाली संस्थाओं या व्यक्तियों के सत्यापन का मोहताज नहीं। जिसके पास लिखने की क्षमता है, जो बोल सकता है, वो पत्रकार है। जो विसंगतियों पर बोलता/लिखता है, वृहद् समाज तक ले जाता है, वो पत्रकार है। ट्विटर-फेसबुक माध्यम हैं, और गूँगे बना दिए गए लोगों की स्वरतंत्री है।

ले आओ… कानूनी शब्दावली से भरे दस्तावेज ले कर आओ… हमें डराओ, धमकाओ, पुलिस स्टेशन में बारह घंटे बिठाओ, हमारे परिवार को परेशान करो… फर्क नहीं पड़ता क्योंकि हमें जो पढ़ते हैं, सुनते हैं, वो जानते हैं कि क्या हो रहा है। तुम न्याय व्यवस्था का प्रयोग कर हमें डराने में व्यस्त रहो, हम उसी व्यवस्था के सहारे जीतेंगे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

ख़ास ख़बरें

जाकिर नाइक की तारीफ वाला महेश भट्ट का वीडियो वायरल, भगोड़े इस्लामी प्रचारक को बताया था- गौरव, बेशकीमती खजाना

फ़िल्म सड़क-2 की रिलीज डेट आने के बाद सोशल मीडिया में फिल्म डायरेक्टर महेश भट्ट का एक वीडियो वायरल हो रहा है।

हॉस्पिटल से ₹4.21 लाख का बिल, इंश्योरेंस कंपनी ने चुकाए सिर्फ ₹1.2 लाख: मनोज इलाज की जगह ‘कैद’

मनोज कोठारी पर यह परेशानी अकेले नहीं आई। उनके परिवार के 2 और लोग कोरोना संक्रमित हैं। दोनों का इलाज भी इसी हॉस्पिटल में। उनके बिल को लेकर...

CARA को बनाया ईसाई मिशनरियों का अड्डा, विदेश भेजे बच्चे: दीपक कुमार को स्मृति ईरानी ने दिखाया बाहर का रास्ता

CARA सीईओ रहते दीपक कुमार ने बच्चों के एडॉप्शन प्रक्रिया में धाँधली की। ईसाई मिशनरियों से साँठगाँठ कर अपने लोगों की नियुक्तियाँ की।

नक्सलियों की तरह DSP का काटा सर-पाँव, सभी 8 लाशों को चौराहे पर जलाने का था प्लान: विकास दुबे की दरिंदगी

विकास दुबे और उसके साथी बदमाशों ने माओवादियों की तरह पुलिस पर हमला किया था। लगभग 60 लोग थे। जिस तरह से उन लोगों ने...

बकरीद के पहले बकरे से प्यार वाले पोस्टर पर बवाल: मौलवियों की आपत्ति, लखनऊ में हटाना पड़ा पोस्टर

"मैं जीव हूँ मांस नहीं, मेरे प्रति नज़रिया बदलें, वीगन बनें" - इस्लामी कट्टरपंथियों को अब पोस्टर से भी दिक्कत। जबकि इसमें कहीं भी बकरीद या...

उनकी ही संतानें थी कौरव और पांडव: जानिए कौन हैं कृष्ण द्वैपायन, जिनका जन्मदिन बन गया ‘गुरु पूर्णिमा’

वो कौरवों और पांडवों के पितामह थे। महाभारत में उनकी ही संतानों ने युद्ध किया। वो भीष्म के भाई थे। कृष्ण द्वैपायन ने ही वेदों का विभाजन किया। जानिए कौन थे वो?

प्रचलित ख़बरें

जातिवाद के लिए मनुस्मृति को दोष देना, हिरोशिमा बमबारी के लिए आइंस्टाइन को जिम्मेदार बताने जैसा

महर्षि मनु हर रचनाकार की तरह अपनी मनुस्मृति के माध्यम से जीवित हैं, किंतु दुर्भाग्य से रामायण-महाभारत-पुराण आदि की तरह मनुस्मृति भी बेशुमार प्रक्षेपों का शिकार हुई है।

गणित शिक्षक रियाज नायकू की मौत से हुआ भयावह नुकसान, अनुराग कश्यप भूले गणित

यूनेस्को ने अनुराग कश्यप की गणित को विश्व की बेस्ट गणित घोषित कर दिया है और कहा है कि फासिज़्म और पैट्रीआर्की के समूल विनाश से पहले ही इसे विश्व धरोहर में सूचीबद्द किया जाएगा।

‘…कभी नहीं मानेंगे कि हिन्दू खराब हैं’ – जब मानेकशॉ के कदमों में 5 Pak फौजियों के अब्बू ने रख दी थी अपनी पगड़ी

"साहब, आपने हम सबको बचा लिया। हम ये कभी नहीं मान सकते कि हिन्दू ख़राब होते हैं।" - सैम मानेकशॉ की पाकिस्तान यात्रा से जुड़ा एक किस्सा।

काफिरों को देश से निकालेंगे, हिन्दुओं की लड़कियों को उठा कर ले जाएँगे: दिल्ली दंगों की चार्ज शीट में चश्मदीद

भीड़ में शामिल सभी सभी दंगाई हिंदुओं के खिलाफ नारे लगा रहे और कह रहे थे कि इन काफिरों को देश से निकाल देंगे, मारेंगे और हिंदुओं की लड़कियों को.......

इजरायल ने बर्बाद किया ईरानी परमाणु ठिकाना: घातक F-35 विमानों ने मिसाइल अड्डे पर ग‍िराए बम

इजरायल ने जोरदार साइबर हमला करके ईरान के परमाणु ठिकानों में दो विस्‍फोट करा दिए। इनमें से एक यूरेनियम संवर्धन केंद्र है और दूसरा मिसाइल निर्माण केंद्र।

नेपाल के कोने-कोने में होऊ यांगी की घुसपैठ, सेक्स टेप की चर्चा के बीच आज जा सकती है PM ओली की कुर्सी

हनीट्रैप में नेपाल के पीएम ओली के फँसे होने की अफवाहों के बीच उनकी कुर्सी बचाने के लिए चीन और पाकिस्तान सक्रिय हैं। हालॉंकि कुर्सी बचने के आसार कम बताए जा रहे हैं।

जाकिर नाइक की तारीफ वाला महेश भट्ट का वीडियो वायरल, भगोड़े इस्लामी प्रचारक को बताया था- गौरव, बेशकीमती खजाना

फ़िल्म सड़क-2 की रिलीज डेट आने के बाद सोशल मीडिया में फिल्म डायरेक्टर महेश भट्ट का एक वीडियो वायरल हो रहा है।

हॉस्पिटल से ₹4.21 लाख का बिल, इंश्योरेंस कंपनी ने चुकाए सिर्फ ₹1.2 लाख: मनोज इलाज की जगह ‘कैद’

मनोज कोठारी पर यह परेशानी अकेले नहीं आई। उनके परिवार के 2 और लोग कोरोना संक्रमित हैं। दोनों का इलाज भी इसी हॉस्पिटल में। उनके बिल को लेकर...

उत्तराखंड: रात में 15 साल की बच्ची को घर से उठाया, जुनैद और सुहैब ने किया दुष्कर्म

रेप की यह घटना उत्तराखंड के लक्सर की है। आरोपित एक दारोगा के सगे भाई बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

उस रात विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस के साथ क्या-क्या हुआ: घायल SO ने सब कुछ बताया

बताया जा रहा है कि विकास दुबे भेष बदलने में माहिर है और अपने पास मोबाइल फोन नहीं रखता। राजस्थान के एक नेता के साथ उसके बेहद अच्छे संबंध की भी बात कही जा रही है।

अपने रुख पर कायम प्रचंड, जनता भी आक्रोशित: भारत विरोधी एजेंडे से फँसे नेपाल के चीनपरस्त PM ओली

नेपाल के PM ओली ने चीन के इशारे पर नाचते हुए भारत-विरोधी बयान तो दे दिया लेकिन अब उनके साथी नेताओं के कारण उनकी अपनी कुर्सी जाने ही वाली है।

काली नागिन के काटने से जैसे मौत होती है उसी तरह निर्मला सीतारमण के कारण लोग मर रहे: TMC सांसद कल्याण बनर्जी

टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेकर विवादित बयान दिया है। उनकी तुलना 'काली नागिन' से की है।

‘अल्लाह ने अपने बच्चों को तनहा नहीं छोड़ा’: श्रीकृष्ण मंदिर में मालिक ने की तोड़फोड़, ‘हीरो’ बता रहे पाकिस्तानी

पाकिस्तान के स्थानीय मुसलमानों ने इस्लामाबाद में बन रहे श्रीकृष्ण मंदिर में तोड़फोड़ मचाने वाले मलिक को एक 'नायक' के रूप में पेश किया है।

रोती-बिलखती रही अम्मी, आतंकी बेटे ने नहीं किया सरेंडर, सुरक्षा बलों पर करता रहा फायरिंग, मारा गया

कुलगाम में ढेर किए गए आतंकी से उसकी अम्मी सरेंडर करने की गुहार लगाती रही, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ।

CARA को बनाया ईसाई मिशनरियों का अड्डा, विदेश भेजे बच्चे: दीपक कुमार को स्मृति ईरानी ने दिखाया बाहर का रास्ता

CARA सीईओ रहते दीपक कुमार ने बच्चों के एडॉप्शन प्रक्रिया में धाँधली की। ईसाई मिशनरियों से साँठगाँठ कर अपने लोगों की नियुक्तियाँ की।

पाकिस्तानी घोटाले से जुड़े हैं हुर्रियत से गिलानी के इस्तीफे के तार, अलगाववादी संगठन में अंदरुनी कलह हुई उजागर

सैयद अली शाह गिलानी के इस्तीफ को पाकिस्तान के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन को लेकर गड़बड़ियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

हमसे जुड़ें

234,622FansLike
63,120FollowersFollow
269,000SubscribersSubscribe