Tuesday, June 25, 2024
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जिस पत्रकार को जलील कर लहालोट हुए राहुल गाँधी, वो 15 साल से ‘कॉन्ग्रेस’ बीट पर कर रहा है काम: पुराने ट्वीट देखें

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने इसको लेकर कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, "लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए राहुल गाँधी का सम्मान इसी तरह का है। वह पिछड़े वर्गों से इतनी घृणा क्यों करते हैं। पत्रकारों द्वारा उनसे ओबीसी के अपमान पर सवाल पूछे जाने से ही वे इतने बौखला गए।"

पिछड़ा वर्ग के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के कारण अपनी सांसदी गँवाए कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) झल्लाए हुए हैं। इसका नजारा शनिवार (25 मार्च 2023) को उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ दिखा, जब कॉन्ग्रेस बीट कवर करने वाले पत्रकार को उन्होंने ‘हवा निकल गई’ और भाजपाई जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

राहुल गाँधी जब अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए तो उनके चेहरे पर तनाव साफ नजर आ रहा था। जब वे बोलना शुरू किए तो उसमें चिड़चिड़ाहट भी दिखी। अपनी गलती के लिए उनके हाव-भाव और अभिव्यक्ति में किसी तरह अफसोस नहीं दिखा। उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वे कहना चाह रहे हों कि ‘मेरी सदस्यता रद्द करने की हिम्मत कैसे हुई’। उनमें एक राजनेता में जो संयम और कूटनीति होनी चाहिए, वह नहीं दिखी।

उन्होंने अपनी हताशा का सारा गुबार एक पत्रकार पर निकाल दिया। इस पत्रकार का नाम रवि सिसोदिया है। वह पिछले 15 सालों से कॉन्ग्रेस बीट कवर करते आ रहे हैं। वे मौकों पर वे राहुल गाँधी के साथ भी दिख चुके हैं। राहुल गाँधी के साथ होली खेलते हुए और सोनिया गाँधी के साथ बात करते हुए उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रवि ने राहुल गाँधी से पूछ लिया, “अदालत का जो फैसला आया है, उस पर बीजेपी पूरे देश में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है और कह रही है कि आपने आपने ओबीसी समाज का अपमान किया है। इस पर आप क्या कहेेंगे?” इतना सुनते ही राहुल गाँधी भड़क गए।

पत्रकार को हड़काते हुए राहुल गाँधी ने कहा, ”भैया देखिए, पहला आपका अटेंप्ट वहाँ से (एक पत्रकार की ओर इशारा करके) आया, दूसरा आपका अटेंप्ट यहाँ से (एक अन्य पत्रकार की इशारा करके) आया, तीसरा आपका अटेंप्ट यहाँ से (रवि सिसोदिया की ओर इशारा करके) आया। आप इतने डायरेक्टकली बीजेपी के लिए क्यों काम कर रहे हो? थोड़ा बुद्धिमानी से पूछो। थोड़ा घूम-घाम के पूछो। आपको ऑर्डर दिया है क्या? देखो मुस्करा रहे हैं।”

राहुल गाँधी ने आगे कहा, “मैं आपको एक उदाहरण देता हूँ। आप थोड़ा घूम-घाम के निकालो। देखो, ऐसे बोलो पहले- राहुल जी.. (इसी बीच संभवत: उनके बीच बैठा व्यक्ति कुछ कहता है और राहुल गाँधी ‘आंय’ कहकर बात बीच में छोड़ देते हैं और आगे कहते हैं…) तो प्लीज.. प्लीज.. अगर आप बीजेपी के लिए काम करना चाहते हैं तो बीजेपी का सिंबल सीने पर लगा लीजिए, तब मैं आपको उसी के अनुसार जवाब दूँगा। प्रेसमैन का ढोंग मत कीजिए।” इसके थोड़ी देर बाद राहुल गाँधी पत्रकार रवि सिसोदिया को देखकर कहते हैं, “हवा निकल गई?”

रवि सिसोदिया संभवत: अपने सवाल से भाजपा के ‘OBC समाज के अपमान’ वाले दावे पर राहुल गाँधी का जवाब लेकर भाजपा को ही घेरना चाहते थे, लेकिन राहुल गाँधी संभवत: उसे समझ नहीं पाए और पत्रकार को ही डपट दिया। जिस तरह दिग्विजय सिंह ने इस सवाल का जवाब आजतक के पत्रकार मौसमी सिंह को दिया था, यह बात राहुल गाँधी नहीं समझ पाए।

दिग्विजय सिंह ने कहा था, “भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा कह रहे हैं कि राहुल गाँधी ने OBC का अपमान किया। नड्डा ब्राह्मण हैं। क्या उन्होंने और उनकी पार्टी ने दिया था OBC को आरक्षण? आरक्षण जनता दल की सरकार ने दिया था। ये लोग OBC की बात तो ना ही करें। कुछ जगहों पर मोदी सरनेम सवर्ण समाज के लोग भी लगाते हैं।”

हालाँकि, राहुल गाँधी में यह डिप्लोमैसी नहीं दिखी। राहुल गाँधी द्वारा अपने ही बीट के पत्रकार को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने पर कुछ भाजपा विरोधी लोग और प्रोपेगेंडा पोर्टल राहुल गाँधी को शाबासी दे रहे हैं और उसी पार्टी के बीट के पत्रकार को भाजपा समर्थक बता रहे हैं। हालाँकि, राहुल गाँधी के इस व्यवहार की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है।

पत्रकार आदेश रावल ने कहा, “जिस रिपोर्टर को ऐसा कहा गया, वह 15 साल से कॉन्ग्रेस बीट कवर कर रहे हैं। नेता जी, कॉन्ग्रेस का मीडिया विभाग और मीडिया के बीच की संवादहीनता का यह जीता जागता उदाहरण है।”

पत्रकार सौरव शर्मा ने कहा, “राहुल गाँधी ने जिस रिपोर्टर को बीजेपी का बिल्ला लगाकर आने को कहा, वो कई सालों से कॉन्ग्रेस ही कवर कर रहे हैं। मतलब राहुल गाँधी अपनी पार्टी के बीट रिपोर्टर को ही नहीं पहचानते। सवाल बिल्कुल ठीक था, लेकिन रिपोर्टर का चुपचाप अपमान सह लेना और बाकी पत्रकारों का हंसी उड़ाना और शर्मनाक है।”

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने इसको लेकर कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, “लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए राहुल गाँधी का सम्मान इसी तरह का है। वह पिछड़े वर्गों से इतनी घृणा क्यों करते हैं। पत्रकारों द्वारा उनसे ओबीसी के अपमान पर सवाल पूछे जाने से ही वे इतने बौखला गए।”

बता दें कि ‘मोदी’ नाम पर आपत्तिजनक बयान देने के बाद सूरत की अदालत ने उन्हें दो वर्ष की सजा सुनाई है। इसके बाद नियमानुसार, लोकसभा सचिवालय ने राहुल गाँधी की संसद सदस्यता रद्द होने की अधिसूचना जारी कर दी थी। इसी मामले को लेकर राहुल गाँधी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए थे।  

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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