बरेली के मोहम्मदगंज गाँव में रहने वाले हिन्दू घर बेच कर जाने के लिए मजबूर हैं। यहाँ मुस्लिम सामूहिक रूप से घर पर नमाज पढ़ने लगे हैं। हिन्दुओं से गाली-गलौज करते हैं।
आरफा खानुम शेरवानी ने नमाज को दुनिया की सबसे 'खामोश इबादत' बताया है। अगर ऐसा है तो जुमे की नमाज के बाद दंगा कौन भड़का रहा? क्या ये सब उसी 'खामोश इबादत' का हिस्सा है?