कॉन्ग्रेस के एक और एनसीपी के तीन विधायकों ने स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंपा। इनमें कॉन्ग्रेस के विधायक कालिदास कोलाम्बकर, NCP के विधायक शिवेन्द्र राजे भोसले, वैभव पिचाड और संदीप नाइक शामिल हैं। चारों ने स्पीकर हरिभाऊ बागड़े से मुलाकात कर अलग-अलग इस्तीफा सौंपा।
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने टीपू सुल्तान जयंती को नहीं मनाने का आदेश दे दिया है। भाजपा विधायक बोपैया ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर राज्य में टीपू जयंती के जश्न पर रोक लगाने की माँग की थी। राज्य में कॉन्ग्रेस-जेडीएस की सरकार थी, तो ये समारोह काफी धूमधाम से मनाया जाता था।
2017 में गरिमा की जीत को भाजपा ने संजय सिंह के खिलाफ जनादेश बताया था। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि अब राजपरिवार के विवाद पर भाजपा का क्या स्टैंड होगा।
पाकुड़ा परिसदन में ग्रामीणों एवं कार्यकर्ताओ की समस्याएँ सुनने पहुँचे विजय हांसदा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली बिल न दें और यदि कोई बिजली बिल कोई माँगने आए तो उसे बाँध कर बैठा दें।
बंगाल में जारी राजनीतिक हिंसा की अब तक कई भाजपा कार्यकर्ता भेंट चढ़ चुके हैं। बीते दिनों बैरकपुर से भाजपा सांसद अर्जुन सिंह के घर पर भी हमला किया गया था।
भाजपा सदस्यों को ग़ुलाम फ़रीद शेख की जालसाज़ी के बारे में 24 जुलाई को पता चला, जब उसने इमरान खान, आसाराम बापू और राम रहीम की तस्वीरों वाले कार्ड को भाजपा का प्राइमरी सदस्य बताते हुए सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
पूरे वीडियो को देखने से पता चलता है कि अंसारी के साथ जय श्री राम बोलने को लेकर कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की गई। उन्होंने खुद ही कहा कि राम सिर्फ भाजपा के नहीं, बल्कि सभी के हैं।
एजाज खान ने जयपुर, कश्मीर, अहमदाबाद और राजस्थान जेल से छूटने वाले लोगों के बारे में बात करते हुए कहा कि इनका न्याय कॉन्ग्रेस से माँगना चाहिए, न कि भाजपा की सरकार से। उस समय कॉन्ग्रेस की सरकार थी, न कि भाजपा की। इसलिए न्याय भी कॉन्ग्रेस से ही माँगना चाहिए।
2008 में CPIM के कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेता केवी सुरेंद्रन की उनके घर पर धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस घायल सुरेन्द्रन को लेकर अस्पताल पहुँची जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया था।